पटना : बिहार के कई जिलों में आई बाढ़ से सड़क, पुल-पुलिया और एप्रोच मार्गों को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद पथ निर्माण विभाग ने युद्धस्तर पर मरम्मत का काम शुरू किया। विभाग की त्वरित कार्रवाई से ज्यादातर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन बहाल कर दिया गया है। कुछ जगहों पर अभी भी काम जारी है।
कई जिलों में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत
पथ निर्माण विभाग के अनुसार पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, सारण, पटना, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, भोजपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुजफ्फरपुर और अररिया समेत कई जिलों में सड़कों की मरम्मत की गई है।
पूर्णिया में रूपौली-विजयघाट मार्ग के मोहनपुर, बनकट्टा और लालगंज के पास सड़क पर बने गड्ढों को बालू की बोरियों और अन्य सामग्री से भरकर रास्ता चालू किया गया। कटिहार के अमदाबाद-मनिहारी मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्से में भी पानी निकलने के बाद स्थायी मरम्मत का काम शुरू किया गया है।
पटना और भागलपुर में भी बहाल हुआ संपर्क
भागलपुर में डोमनिया चौक और पीरपैंती-बाबूपुर मार्ग समेत कई जगहों पर सड़क के किनारे और एप्रोच मार्ग की मरम्मत कर यातायात शुरू कराया गया। सारण में भी कई प्रमुख सड़कों और एप्रोच मार्गों की तत्काल मरम्मत की गई।
पटना के भद्रघाट, दीदारगंज, महावीर घाट, गायघाट, नीमा, मदारपुर, रसूलपुर और पुनपुन समेत कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलजमाव और सड़क कटाव से हुए नुकसान को ठीक किया गया। वैशाली के रुस्तमपुर और हेमंतपुर में भी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराई गई।
चंपारण, मुजफ्फरपुर और भोजपुर में भी काम तेज
पूर्वी चंपारण में पुरनहिया-झरोखर, लखौरा-आदापुर और भारत-नेपाल सीमा सड़क के कई हिस्सों में एप्रोच रोड और डायवर्जन तैयार किए गए हैं। मोतिहारी में बरनवाघाट पुल संपर्क मार्ग और गुलियार घाट मार्ग की मरम्मत की गई।
मुजफ्फरपुर के माधोपुर, बरैठा, बोकची, पतारी, औराई, पानापुर और कटरा में सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों को दुरुस्त किया गया। भोजपुर में आरा-सासाराम, पीरो-अगिआंव, आरा-सिन्हा और अन्य प्रमुख मार्गों पर मरम्मत कर यातायात बहाल किया गया।
बेगूसराय, खगड़िया और अररिया में भी बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कर प्रभावित इलाकों का संपर्क बहाल किया गया है।
संवेदनशील जगहों पर बैरिकेडिंग और संकेतक
पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार अभियंताओं की टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों, पुलों और एप्रोच मार्गों की लगातार निगरानी कर रही हैं। जहां अभी पानी का बहाव जारी है, वहां सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग और संकेतक लगाए गए हैं। विभाग का कहना है कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मरम्मत और निगरानी का काम लगातार जारी रहेगा।




