New Delhi: सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के अनशन का गुरुवार को 26वां दिन रहा। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर दावा किया कि कुछ असामाजिक तत्व शांतिपूर्ण आंदोलनों का फायदा उठाकर हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से हर हाल में शांति बनाए रखने की अपील की।
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शांति बनाए रखने की अपील
सोनम वांगचुक ने अपनी पोस्ट में लिखा कि शांति और सिर्फ शांति ही उनका रास्ता है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चल रहे हैं, लेकिन उन्हें यह जानकर दुख हुआ कि दूसरी जगहों पर कुछ असामाजिक तत्व इन शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का फायदा उठाकर हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सामने वाला पक्ष चाहे जैसा भी व्यवहार करे, जवाब सिर्फ फूलों जैसा होना चाहिए। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल लोगों से हर परिस्थिति में इस परंपरा को बनाए रखने की अपील की।
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अनशन खत्म करने के लिए रखीं शर्तें
इससे पहले बुधवार को सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने के लिए सरकार के सामने कुछ शर्तें रखी थीं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को लिखे पत्र में उन्होंने मेदांता अस्पताल में उनसे मुलाकात करने और अनशन समाप्त करने की अपील के लिए दोनों मंत्रियों का धन्यवाद किया। वांगचुक ने पत्र में कहा कि बातचीत के दौरान उन्हें भरोसा दिया गया कि सरकार परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने पर सकारात्मक रूप से विचार करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जवाबदेही तय करने के लिए संसद में सार्थक चर्चा शुरू करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार करने का भी आश्वासन दिया गया।
‘चलो संसद’ मार्च का किया जिक्र
वांगचुक ने 20 जुलाई को हुए ‘चलो संसद’ मार्च का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा किए गए कथित अत्याचार और अत्यधिक बल प्रयोग के बावजूद यह मार्च शांतिपूर्ण रहा। उनके अनुसार, देश और दुनिया ने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वालों के धैर्य और संकल्प को देखा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में लोगों का यह भरोसा किसी कानूनी कार्रवाई, उत्पीड़न या आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ बदले की भावना से की जाने वाली कार्रवाई से कमजोर नहीं होगा।
65 सांसदों ने अनशन खत्म करने का किया आग्रह
सोनम वांगचुक ने बताया कि मंत्रियों की मुलाकात के बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने उनसे संपर्क किया और अनशन समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सांसदों ने उन्हें याद दिलाया कि देश की सेवा में उन्हें अभी बहुत काम करना है। उन्होंने कहा, “मैं जीना चाहता हूं। मैं अपने छात्रों, शिक्षा और उस काम में लौटना चाहता हूं जिसने मेरी जिंदगी को पहचान दी है। लेकिन मैं उन युवाओं की कीमत पर ऐसा नहीं कर सकता, जिनके लिए यह आंदोलन शुरू हुआ था।”



