New Delhi: सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के आंदोलन के बीच उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम के दौरान यह दावा किया गया कि अस्पताल में भर्ती वांगचुक की अनुपस्थिति में गीतांजलि आंदोलन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद वांगचुक की भूख हड़ताल जारी है और उन्होंने नमक-पानी के अलावा कोई अन्य आहार ग्रहण नहीं किया है।
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गीतांजलि ने यह भी कहा कि परिवार ने चिकित्सकों से अनुरोध किया है कि उनकी, परिवार या इलाज कर रहे डॉक्टरों की सहमति के बिना वांगचुक को मुंह या नसों के माध्यम से कोई पोषण न दिया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि आंदोलन अपनी मांगों को लेकर पहले की तरह जारी रहेगा।
कौन हैं गीतांजलि जे. आंग्मो?
गीतांजलि जे. आंग्मो एक शिक्षाविद, सोशल एंटरप्रेन्योर और हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख (HIAL) की सह-संस्थापक हैं। वर्तमान में वह संस्थान की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और डीन के रूप में कार्यरत हैं। यह संस्थान पर्वतीय क्षेत्रों में सतत विकास, नवाचार आधारित शिक्षा और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों पर कार्य करता है।
संस्थान ने सौर ऊर्जा आधारित भवन विकसित किए हैं और वर्ष 2021 में भारतीय सेना के लिए सोलर-हीटेड टेंट भी तैयार किए थे।
शिक्षा और पेशेवर सफर
गीतांजलि का जन्म ओडिशा के बालासोर में एक पंजाबी परिवार में हुआ। उन्होंने फकीर मोहन विश्वविद्यालय से भौतिकी में स्नातक तथा जेवियर इंस्टीट्यूट, भुवनेश्वर से एमबीए किया।
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कॉर्पोरेट क्षेत्र में लगभग 15 वर्षों तक, जिनमें लंबा समय डेनमार्क में भी शामिल है, काम करने के बाद उन्होंने भारत लौटकर शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में काम शुरू किया। वह Chevening Fellow रह चुकी हैं और उन्हें Women Transforming India Award से भी सम्मानित किया जा चुका है।
कई क्षेत्रों में रखती हैं विशेष पहचान
शिक्षा और सामाजिक कार्यों के अलावा गीतांजलि कराटे में ब्लैक बेल्ट हैं। उन्होंने ओडिसी और रूसी बैले नृत्य का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। अपने पेशेवर परिचय में वह स्वयं को वेदांत और भगवद्गीता की शिक्षिका भी बताती हैं।
इससे पहले भी वह तब चर्चा में आई थीं, जब लद्दाख को राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग से जुड़े आंदोलन के दौरान सोनम वांगचुक की हिरासत के मामले में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था और राष्ट्रपति को पत्र भी लिखा था।
सोनम वांगचुक से कैसे हुई मुलाकात?
उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार, सोनम वांगचुक और गीतांजलि जे. आंग्मो की मुलाकात एक शैक्षणिक सम्मेलन के दौरान हुई थी। बाद में दोनों ने विवाह किया। यह सोनम वांगचुक का दूसरा विवाह है। उनकी पहली पत्नी अमेरिकी नागरिक रेबेका नॉर्मन थीं।




