रांची: झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया के जरिए राज्य के युवाओं और प्रदर्शनकारियों से सीधा संवाद साधा है। सीएम सोरेन ने आंदोलन के दौरान संयम और संवेदनशीलता के साथ स्थिति संभालने के लिए पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों एवं जवानों का धन्यवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आवाज उठाना छात्रों का अधिकार है और उनकी मांगों को सुनना तथा उनका सम्मान करना सरकार का प्राथमिक कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री ने छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनके मुद्दों को लेकर अत्यंत गंभीर है और वरिष्ठ मंत्री लगातार आंदोलनकारी युवाओं के संपर्क में हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यवस्था में व्याप्त कमियों को दूर करने के लिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की गई है और किसी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार का मुख्य ध्येय राज्य की परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना है, ताकि भविष्य में किसी भी अभ्यर्थी को परेशानी का सामना न करना पड़े।
राजनीतिक माहौल पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला बोला और आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए छात्रों को भटकाने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ऐसे किसी भी भ्रामक नैरेटिव के बहकावे में न आएं। अंत में, सीएम ने युवाओं को झारखंड का भविष्य बताते हुए कहा कि लाठी-डंडे या टकराव के बजाय केवल संवाद और आपसी विश्वास के जरिए ही इस संवेदनशील मुद्दे का स्थाई समाधान निकाला जा सकता है।




