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आइबेरियन पेनिनसुला में हो रहा है ‘रोटेशन’; नाखून बढ़ने से भी धीमी है घूमने की रफ़्तार

London (UK): विज्ञान की दुनिया से एक ऐसी खबर आई है जो हमें यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि हमारी धरती कितनी गतिशील है। एक ताजा शोध के अनुसार, यूरोप का आइबेरियन पेनिनसुला (Iberian Peninsula), जिसमें स्पेन और पुर्तगाल जैसे देश बसे हैं,

आइबेरियन पेनिनसुला (Iberian Peninsula)

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London (UK):  विज्ञान की दुनिया से एक ऐसी खबर आई है जो हमें यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि हमारी धरती कितनी गतिशील है। एक ताजा शोध के अनुसार, यूरोप का आइबेरियन पेनिनसुला (Iberian Peninsula), जिसमें स्पेन और पुर्तगाल जैसे देश बसे हैं, अपनी जगह पर स्थिर रहने के बजाय बहुत धीमी गति से घड़ी की दिशा (Clockwise) में घूम रहा है।

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नाखून बढ़ने से भी धीमी है रफ़्तार

वैज्ञानिकों ने सैटेलाइट डेटा (GNSS) और भूकंपीय सिग्नल्स के विश्लेषण से पाया कि यह रोटेशन प्रति वर्ष एक मिलीमीटर से भी कम है। तुलना के लिए समझें तो यह गति इंसान के नाखून बढ़ने की रफ़्तार से भी काफी कम है। यही वजह है कि आम इंसान इसे कभी महसूस नहीं कर पाता, लेकिन आधुनिक जीपीएस तकनीकों ने इस राज से पर्दा उठा दिया है।

क्यों घूम रही है जमीन? इस रहस्यमयी रोटेशन के पीछे मुख्य वजह दो विशाल टेक्टोनिक प्लेट्स का टकराव है:

  • अफ्रीकी प्लेट (African Plate) और यूरेशियन प्लेट (Eurasian Plate) लगातार एक-दूसरे की ओर बढ़ रही हैं।

  • आइबेरियन पेनिनसुला इन दोनों के बीच एक ‘ब्लॉक’ की तरह फंसा हुआ है।

  • प्लेट्स का दबाव इस क्षेत्र पर एक समान नहीं पड़ रहा है, जिसके कारण यह सीधा खिसकने के बजाय हल्का सा ‘ट्विस्ट’ यानी घूम रहा है।

क्या बढ़ेगा भूकंप का खतरा?

इस खोज के बाद लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इससे कोई बड़ा खतरा है? वैज्ञानिकों ने फिलहाल किसी तत्काल खतरे से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो लाखों सालों से चल रही है। हालांकि, इस स्टडी से जमीन के नीचे छिपी फॉल्ट लाइनों (Fault Lines) को समझने में मदद मिलेगी, जिससे भविष्य में भूकंप की बेहतर भविष्यवाणी की जा सकेगी।

जिब्राल्टर जलडमरूमध्य के आसपास का इलाका इस दबाव को सोखने के लिए एक ‘बफर’ का काम कर रहा है। यह शोध हमें बताता है कि धरती के ऊपर हम भले ही शांत महसूस करें, लेकिन पैरों के नीचे की दुनिया लगातार बदल रही है।

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