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हेलीकॉप्टर से डकैती: 20 मिनट में लाखों यूरो लेकर उड़ गए नकाबपोश

World News: दुनिया के अपराध इतिहास में एक ऐसी वारदात हुई जिसने सभी को हैरान कर दिया। 30 सितंबर 2009 की सुबह करीब 5 बजे स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में नकाबपोश अपराधी हेलीकॉप्टर से डकैती डालने पहुंचे। पुलिस को चकमा देकर आसमान में गायब हुए

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World News: दुनिया के अपराध इतिहास में एक ऐसी वारदात हुई जिसने सभी को हैरान कर दिया। 30 सितंबर 2009 की सुबह करीब 5 बजे स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में नकाबपोश अपराधी हेलीकॉप्टर से डकैती डालने पहुंचे।

पुलिस को चकमा देकर आसमान में गायब हुए डकैत

घटना वेस्टबर्गा इलाके की है, जहां जी4एस सिक्योरिटी कंपनी का कैश डिपो स्थित था। इस डिपो में लाखों यूरो नकदी के रूप में रखे गए थे। आसमान से अचानक एक हेलीकॉप्टर उतरा और सीधा कैश डिपो की छत पर आकर लैंड कर गया। हेलीकॉप्टर से कुछ नकाबपोश लोग बाहर निकले, जिनके हाथों में हथौड़े और विस्फोटक थे। उन्होंने छत तोड़कर इमारत के अंदर घुसपैठ की और सुरक्षा दरवाजों को उड़ा दिया। इसके बाद सीधे उस कमरे में पहुंच गए, जहां नकदी से भरी तिजोरियां रखी थीं।

2009 की स्वीडन हेलीकॉप्टर रॉबरी

डकैतों ने पुलिस को रोकने के लिए भी जबरदस्त चाल चली। उन्होंने पुलिस हेडक्वार्टर के हेलीकॉप्टर हैंगर में एक बैग रख दिया, जिस पर “बॉम्ब” लिखा था। पुलिस को लगा इसमें विस्फोटक है, इसलिए उनके हेलीकॉप्टर उड़ ही नहीं सके। वहीं, जमीन से आने वाली पुलिस गाड़ियों को रोकने के लिए अपराधियों ने सड़कों पर स्पाइक बिछा दिए, जिससे टायर फट गए और पुलिस आगे नहीं बढ़ सकी।

आज तक नहीं मिला चोरी का खजाना

महज 20 मिनट में अपराधी भारी-भरकम कैश बैग लेकर वापस हेलीकॉप्टर में सवार हुए और आसमान में उड़ गए। पुलिस जब तक मौके पर पहुंची, तब तक डकैत हवा में गायब हो चुके थे। यह वारदात स्वीडन के लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं थी, क्योंकि इतनी सुरक्षित जगह पर इतनी आसानी से डकैती होना असंभव माना जाता था।

वारदात के बाद पुलिस ने बड़ी जांच शुरू की। कई दिनों तक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, स्थानीय लोगों से पूछताछ हुई और हेलीकॉप्टर उड़ान रिकॉर्ड की भी जांच की गई। आखिरकार करीब 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें हेलीकॉप्टर का पायलट भी शामिल था। अदालत में केस चला और मुख्य आरोपी को सात साल की सजा सुनाई गई, जबकि बाकी को चार से छह साल जेल की सजा हुई।

रहस्य अब भी कायम

हालांकि, इस घटना का सबसे बड़ा रहस्य आज भी कायम है। चोरी हुए लाखों यूरो की रकम कभी बरामद नहीं हो सकी। माना जाता है कि अपराधियों ने या तो इसे कहीं छुपा दिया या फिर धीरे-धीरे खर्च कर दिया। यह केस अब भी दुनिया की सबसे चर्चित और रहस्यमयी डकैतियों में गिना जाता है।

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