Health Adda: वजन बढ़ने का सीधा संबंध केवल रोटी या किसी एक खास खाद्य पदार्थ की मात्रा से नहीं होता, बल्कि इसका गहरा जुड़ाव पूरे दिन के खान-पान, शारीरिक एक्टिविटी, नींद के पैटर्न और ओवरऑल लाइफस्टाइल से है। अक्सर लोग यह शिकायत करते हैं कि वे दिनभर में केवल दो रोटी खाते हैं, फिर भी उनका वजन लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ते वजन के लिए सिर्फ रोटी को दोष देना सही नहीं है। कई बार कम भोजन करने का दावा करने वाले लोग अनजाने में दिनभर ऐसी चीजों का सेवन करते रहते हैं, जो शरीर में जरूरत से ज्यादा कैलोरी पहुंचा देती हैं।
छिपी हुई कैलोरी और प्रोसेस्ड फूड हैं बड़ा कारण
चिप्स, बिस्किट, नमकीन, फास्ट फूड, मीठे सीरियल्स और रेडी-टू-ईट जैसे पैकेज्ड फूड्स में कैलोरी की मात्रा बहुत अधिक होती है, जबकि इनमें प्रोटीन और फाइबर न के बराबर मिलते हैं। ऐसे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ खाने से पेट लंबे समय तक भरा नहीं रहता और बार-बार कुछ न कुछ खाने की तलब (Cravings) उठती रहती है। इसके अतिरिक्त, चाय-कॉफी में एक्स्ट्रा चीनी, कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस और मिठाइयां भी शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जमा करती हैं।
शारीरिक निष्क्रियता और सिटिंग जॉब का असर
दिनभर शारीरिक रूप से एक्टिव न रहना भी मोटापे की प्रमुख वजह है। ऑफिस में लंबे समय तक लगातार कुर्सी पर बैठकर काम करना, घर लौटने के बाद टीवी या मोबाइल स्क्रीन के सामने समय बिताना और पैदल चलने की आदत कम होना शरीर की कैलोरी बर्न करने की क्षमता को धीमा कर देता है। इसलिए सिर्फ भोजन घटाने के बजाय नियमित वॉक करना, लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल और सीट से बीच-बीच में ब्रेक लेना बेहद जरूरी है।
यो-यो डाइटिंग, तनाव और अधूरी नींद से बढ़ता है मोटापा
वजन कम करने के लिए जरूरत से ज्यादा सख्त डाइटिंग (Crash Dieting) अपनाना लंबे समय में नुकसानदेह साबित होता है। अत्यधिक कम खाने से वजन तेजी से घट तो जाता है, लेकिन सामान्य भोजन शुरू करते ही दोबारा बढ़ जाता है, जिसे मेडिकल भाषा में ‘यो-यो डाइटिंग’ कहते हैं। इसके अलावा पूरी नींद न लेना और लगातार मानसिक तनाव में रहना भी हार्मोन्स को असंतुलित कर भूख बढ़ाता है, जिससे वजन पर सीधा असर पड़ता है।





