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कोल परियोजना के आउटसोर्सिंग कार्यालय पर ताबड़तोड़ फायरिंग, गार्ड को लगी गोली

  राहुल दुबे गैंग ने ली घटना की जिम्मेवारी, घटनास्थल से खोखे और पर्चा बरामद चतरा। टंडवा थाना क्षेत्र के उड़सू स्थित चंद्रगुप्त कोल परियोजना की आउटसोर्सिंग कंपनी शुशी चंद्रगुप्त कोल माइन के कार्यालय पर रविवार की दोपहर नकाबपोश अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

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राहुल दुबे गैंग ने ली घटना की जिम्मेवारी, घटनास्थल से खोखे और पर्चा बरामद

चतरा। टंडवा थाना क्षेत्र के उड़सू स्थित चंद्रगुप्त कोल परियोजना की आउटसोर्सिंग कंपनी शुशी चंद्रगुप्त कोल माइन के कार्यालय पर रविवार की दोपहर नकाबपोश अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। घटना में कंपनी के निजी सुरक्षाकर्मी रविश कुमार यादव को बांह में गोली लगी है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर किया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में भय का माहौल है।

जानकारी के अनुसार रविवार की दोपहर करीब 2:25 बजे दो बाइक पर सवार चार नकाबपोश अपराधी कार्यालय के गेट के समीप पहुंचे। इसके बाद अपराधियों ने कार्यालय को निशाना बनाकर करीब 20 राउंड फायरिंग की। बताया जाता है कि अपराधी आर-15 और बुलेट बाइक से सिमरिया की ओर से आए थे और घटना को अंजाम देने के बाद टंडवा की ओर फरार हो गये। अचानक गोलियों की आवाज से कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गयी।

घटना में गोड़वार निवासी निजी सुरक्षाकर्मी रविश कुमार यादव के बांह में गोली लगी। गोली लगने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर कर दिया गया।

घटनास्थल से खोखे और पर्चा बरामद

घटना की सूचना मिलते ही टंडवा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से कई खोखे और अपराधियों द्वारा छोड़ा गया पर्चा बरामद किया है। पुलिस के अनुसार अपराधियों ने पर्चे के माध्यम से घटना की जिम्मेवारी राहुल दुबे गैंग के नाम पर ली है।

थाना प्रभारी पप्पू शर्मा ने बताया कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। वहीं, एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार ने बताया कि घटना में चार अपराधियों के शामिल होने की प्रारंभिक जानकारी मिली है। करीब 20 राउंड गोली चलने की बात सामने आयी है। उन्होंने कहा कि अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जायेगा।

कार्यालय में कम लोगों की थी मौजूदगी

बताया गया कि चंद्रगुप्त कोल परियोजना में 25 वर्षों के खनन का ठेका शुशी कोल माइन को मिला है। शुरुआती दौर में कंपनी ने टंडवा के उड़सू में जीवन दास के निजी मकान में किराये पर कार्यालय संचालित किया था। बाद में कंपनी ने केरेडारी थाना क्षेत्र से कोयला खनन का कार्य शुरू किया और कार्यालय भी वहीं संचालित होने लगा। हालांकि उड़सू स्थित पुराने कार्यालय को अभी तक हटाया नहीं गया है। वर्तमान में यहां इक्का-दुक्का लोग ही रहते हैं। पुलिस के अनुसार कार्यालय में कम लोगों की मौजूदगी के कारण बड़ी घटना टल गयी।

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