Health Desk: गर्भावस्था और प्रसव के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव, थकान और नींद की कमी जैसी समस्याएं सामान्य होती हैं। इस दौरान कई महिलाओं को तनाव, चिंता और अवसाद जैसी मानसिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में एक नए अध्ययन में संकेत मिले हैं कि नियमित शारीरिक गतिविधि, हल्का व्यायाम और योग महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मददगार हो सकते हैं।
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शोधकर्ताओं के अनुसार, गर्भावस्था और प्रसव के आसपास शारीरिक रूप से सक्रिय रहने वाली महिलाओं में अवसाद और चिंता के लक्षण अपेक्षाकृत कम पाए गए। उनका कहना है कि नियमित शारीरिक गतिविधि मानसिक तनाव को कम करने का एक सरल और प्रभावी तरीका हो सकती है।
20 अध्ययनों की व्यापक समीक्षा
यह अध्ययन दुनिया भर में प्रकाशित कई शोधों की व्यापक समीक्षा पर आधारित है। शोधकर्ताओं ने वर्ष 2014 से अप्रैल 2026 तक प्रकाशित अध्ययनों का विश्लेषण किया। इसके लिए पबमेड, एम्बेस, वेब ऑफ साइंस, कोक्रेन लाइब्रेरी और साइकोइन्फो सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा डेटाबेस से जानकारी जुटाई गई।
कुल 4,109 अध्ययनों की प्रारंभिक समीक्षा के बाद 20 प्रमुख अध्ययनों को अंतिम विश्लेषण में शामिल किया गया। इनमें गर्भावस्था और प्रसव के दौरान या बाद में शारीरिक गतिविधि का महिलाओं में अवसाद और चिंता पर पड़ने वाले प्रभाव का मूल्यांकन किया गया था।
अवसाद के लक्षण कम होने के मिले संकेत
अध्ययन में पाया गया कि नियमित रूप से शारीरिक रूप से सक्रिय रहने वाली महिलाओं में अवसाद के लक्षण कम देखे गए। शोधकर्ताओं के अनुसार, उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्य बताते हैं कि गर्भावस्था और प्रसव के बाद हल्का व्यायाम महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार और सकारात्मक मनोदशा बनाए रखने में सहायक हो सकता है। अध्ययन में योग को भी विशेष रूप से लाभकारी बताया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि योग तनाव कम करने और मानसिक शांति बनाए रखने में मदद कर सकता है, जो प्रसव के बाद के संवेदनशील दौर में महत्वपूर्ण हो सकता है।
चिंता पर भी दिखा सकारात्मक प्रभाव
शोधकर्ताओं ने चिंता के लक्षणों पर भी शारीरिक गतिविधि के प्रभाव का आकलन किया। अध्ययन में संकेत मिले कि नियमित शारीरिक गतिविधि चिंता के लक्षणों को कम करने में भी मदद कर सकती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में ठोस निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए अभी और वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है।
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विशेषज्ञों ने दी नियमित गतिविधि की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भावस्था और प्रसव के बाद महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है। कई बार महिलाएं अपनी मानसिक परेशानियों को नजरअंदाज कर केवल शारीरिक बदलावों पर ध्यान देती हैं। ऐसे में अपनी क्षमता और डॉक्टर की सलाह के अनुसार रोजाना टहलना, योग करना या हल्की शारीरिक गतिविधि अपनाना मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, दोनों के लिए लाभकारी हो सकता है।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि प्रसव के बाद किसी भी प्रकार का व्यायाम शुरू करने से पहले महिला को अपने चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेना चाहिए, क्योंकि हर महिला की स्वास्थ्य स्थिति अलग हो सकती है।



