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पीएम मोदी ने साने ताकाइची को दी बधाई, जापान की पहली महिला पीएम बनीं

World News: जापान की राजनीति में इतिहास रचते हुए साने ताकाइची मंगलवार को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बन गई हैं। संसद में हुए मतदान में साने ताकाइची ने प्रतिद्वंद्वी शिंजीरो को हराकर यह पद हासिल किया। ताकाइची को ऊपरी सदन में 125 व निचले

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World News: जापान की राजनीति में इतिहास रचते हुए साने ताकाइची मंगलवार को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बन गई हैं। संसद में हुए मतदान में साने ताकाइची ने प्रतिद्वंद्वी शिंजीरो को हराकर यह पद हासिल किया। ताकाइची को ऊपरी सदन में 125 व निचले सदन में 237 वोट मिले, जिससे उन्हें आवश्यक बहुमत प्राप्त हुआ। उनका कार्यकाल 2027 तक रहेगा।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साने ताकाइची को जीत की बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “साने ताकाइची को जापान की प्रधानमंत्री चुने जाने पर हार्दिक बधाई। मैं भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हूं।” मोदी ने कहा कि भारत-जापान संबंध हिंद-प्रशांत क्षेत्र की शांति और समृद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

लंबा रहा साने ताकाइची का राजनीतिक सफर

साने ताकाइची का राजनीतिक करियर उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने अपने सफर की शुरुआत एक टीवी एंकर के रूप में की थी। 1993 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतकर निचले सदन की सदस्यता हासिल की। 1996 में वे सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) से जुड़ीं और धीरे-धीरे पार्टी की प्रमुख आवाज बन गईं।

ताकाइची पहली बार पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री बनीं, जहां उन्होंने ओकिनावा एवं उत्तरी क्षेत्रों के मामलों की जिम्मेदारी संभाली। बाद में वे एलडीपी की नीति अनुसंधान परिषद की पहली महिला अध्यक्ष भी रहीं।

2022 से 2024 के बीच ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया और वे आंतरिक मामलों की मंत्री के पद पर सबसे लंबे समय तक रहीं। पार्टी के अंदर उनका कद लगातार बढ़ता गया और शनिवार को हुए मतदान में उन्हें 185 वोट मिले, जबकि प्रतिद्वंद्वी शिंजीरो को 156 वोट प्राप्त हुए।

जापान के सामने बड़ी आर्थिक चुनौतियाँ

नए कार्यकाल की शुरुआत में ताकाइची को कई चुनौतियों से जूझना होगा। जापान इस वक्त आर्थिक मंदी, बढ़ती महंगाई और येन की गिरती कीमत जैसी समस्याओं से गुजर रहा है। एलडीपी की हाल की चुनावी हारों से पार्टी के नेतृत्व पर सवाल उठे हैं। अब नई प्रधानमंत्री पर भरोसा कायम रखने और जनता को स्थिर शासन देने का दायित्व होगा।

पार्टी की वरिष्ठ सांसद मिडोरी मात्सुशिमा ने कहा कि यह जापान के लिए गर्व का पल है, क्योंकि अब देश को पहली महिला प्रधानमंत्री मिली है, जो नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा साबित होगी।

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