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23-24 सितंबर को लगेगी मंत्रियों की ‘क्लास’! मोदी कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 और 24 सितंबर को केंद्रीय मंत्रियों के साथ दो दिवसीय विशेष 'चिंतन बैठक' करेंगे, जिसमें कामकाज की गहन समीक्षा के साथ संभावित कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं।

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New Delhi — केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के तीसरे कार्यकाल के अहम पड़ाव पर पहुंचने के बीच राजधानी दिल्ली में राजनीतिक और प्रशासनिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह केंद्रीय मंत्रिपरिषद के साथ दो दिवसीय विशेष ‘चिंतन बैठक’ करने जा रहे हैं। यह उच्चस्तरीय मंथन 23 और 24 सितंबर को आयोजित किया जाएगा, जिसे सरकार की कार्यप्रणाली, विभिन्न जनकल्याणकारी नीतियों के धरातल पर क्रियान्वयन और भविष्य की रणनीतिक प्राथमिकताओं को तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक के समय को देखते हुए राजनीतिक गलियारों में संभावित कैबिनेट फेरबदल की अटकलों ने भी जोर पकड़ लिया है।

सामान्य कैबिनेट से अलग होगा बैठक का प्रारूप

सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक नियमित साप्ताहिक कैबिनेट बैठकों से बिल्कुल अलग और गहन मंथन के प्रारूप में होगी। इसमें केंद्रीय मंत्रियों को अलग-अलग विषय-आधारित समूहों में विभाजित किया जाएगा। ये समूह सुशासन (गुड गवर्नेंस), प्रभावी जनसंवाद, नीतिगत सुधार और प्रशासनिक डिलीवरी को अधिक पारदर्शी व समयबद्ध बनाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।

कई प्रमुख मंत्रालयों द्वारा अपने अब तक के कामकाज, हासिल की गई उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं को लेकर विस्तृत प्रेजेंटेशन भी दिए जाने की संभावना है। बैठक का मूल उद्देश्य केवल उपलब्धियों को गिनाना नहीं, बल्कि यह देखना है कि नीतियां बनने के बाद आम नागरिक तक उनका वास्तविक लाभ कितनी गति से पहुंच रहा है।

मंत्रालयों के आपसी समन्वय और निगरानी पर जोर

बैठक में समय प्रबंधन, मंत्रालयों के बीच तालमेल की कमी को दूर करने, विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की डिजिटल निगरानी और जनसेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर गंभीर मंथन होगा। चूंकि सरकार अपने तीसरे कार्यकाल के अगले चरण में प्रवेश कर रही है, ऐसे में आने वाले महीनों के लिए ठोस रोडमैप तैयार करना प्रधानमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

क्या होने जा रहा है कैबिनेट में फेरबदल?

हालांकि सरकार या सत्ताधारी दल की ओर से फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे मंत्रियों के ‘परफॉर्मेंस रिव्यू’ से जोड़कर देख रहे हैं। चर्चा है कि बैठक में प्रस्तुत किए जाने वाले रिपोर्ट कार्ड और जमीनी डिलीवरी के आधार पर कुछ नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव संभव है। 23 और 24 सितंबर को होने वाली इस दो दिवसीय मैराथन बैठक के बाद सरकार के स्वरूप और प्राथमिकताओं में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।

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