Patna: एक सम्मानित मंच से रोजगार पाने के बाद जब किसी युवती की पीड़ा और बुनियादी समस्याओं को सनसनीखेज बना दिया जाए, तो वह सीधे उसकी गरिमा और सामाजिक प्रतिष्ठा पर चोट करती है।
रोजगार मेला जॉइनिंग विवाद: विभाग की प्राथमिक जांच और तथ्य
दैनिक भास्कर डिजिटल में प्रकाशित “सम्राट ने जिसे जॉइनिंग लेटर दिया उसे दिल्ली में कॉलगर्ल बनाया” शीर्षक वाली खबर को लेकर युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। सनसनीखेज खबर को लेकर बिहार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने कड़ा संज्ञान लेते हुए इसे प्राथमिक जांच में पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक करार दिया है। विभाग ने मामले की तुरंत पड़ताल करते हुए संबंधित युवती से संपर्क साधा, जिसके बाद उसने अपने पति के साथ उपस्थित होकर लिखित बयान दर्ज कराया।
विभागीय अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत होकर महिला अभ्यर्थी ने साफ किया कि मीडिया रिपोर्ट में उनके वक्तव्य को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने केवल काम के अधिक घंटों और रहने की खराब व्यवस्था पर आपत्ति जताई थी।
अभ्यर्थी ने कहा- बयान को गलत अर्थ में छापा गया
अभ्यर्थी ने अपने औपचारिक लिखित बयान में स्पष्ट किया कि बातचीत के दौरान उन्होंने जो बिंदु रखे थे, उन्हें पत्रकार ने तोड़-मरोड़कर अलग ही रूप दे दिया। उन्होंने किसी भी प्रकार के यौन शोषण का कोई दावा नहीं किया था।
महिला ने कहा कि इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग से उनकी व्यक्तिगत और सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरी ठेस पहुंची है। उनकी वास्तविक शिकायत केवल कार्यस्थल पर अतिरिक्त काम कराए जाने और रहने की उचित सुविधा नहीं मिलने को लेकर थी।
ज्ञान भवन में आयोजित रोजगार मेले से जुड़ा मामला
उल्लेखनीय है कि 19 से 23 अगस्त 2026 के दौरान पटना के ज्ञान भवन में राज्य स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया था। इस मेले में पूरी चयन प्रक्रिया के तहत विभिन्न कंपनियों ने उम्मीदवारों का चयन किया था।
इसी प्रक्रिया के तहत ‘हेकम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी ने संबंधित महिला अभ्यर्थी को आईसीयू नर्स (जीएनएम) के पद के लिए चयनित कर नियुक्ति पत्र सौंपा था।
दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर आगे की पड़ताल
विभाग ने स्पष्ट किया है कि रोजगार मेले और चयन प्रक्रिया से जुड़े सभी आधिकारिक रिकॉर्ड सुरक्षित हैं। प्रकाशित खबर के दावों और अभ्यर्थी के हस्ताक्षरित लिखित बयान में भारी अंतर सामने आया है।
प्रशासनिक स्तर पर इस पूरे प्रकरण की जांच कंपनी के दस्तावेजों, नियुक्ति की शर्तों और अभ्यर्थी के दर्ज बयान के आधार पर निष्पक्ष रूप से की जा रही है।




