रांची, 12 अगस्त। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की बुधवार को सदर अस्पताल पहुंचीं और नौ दिनों से अनशन पर बैठे छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनकी मांगों व आंदोलन से जुड़े मुद्दों को विस्तार से समझा। छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों के प्रति संवेदनशील है। लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के प्रति सरकार की पूरी सहानुभूति और संवेदना है।
मंत्री ने अनशनकारी छात्रों से अलग-अलग बातचीत की। इस दौरान उन्होंने उनकी मांगों, समस्याओं और अब तक हुई वार्ता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि छात्रों की अधिकांश मांगों पर सरकार पहले ही सकारात्मक पहल कर चुकी है। शेष मांगों के समाधान को लेकर भी सरकार का रुख सकारात्मक है। बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने के लिए सरकार के दरवाजे खुले हैं।
डेलीगेशन में अनशनकारी छात्रों को शामिल नहीं करने की बात सामने आयी
मुलाकात के दौरान छात्रों ने मंत्री को बताया कि सरकार के साथ बातचीत के लिए आंदोलनकारियों की ओर से गठित डेलीगेशन में अनशन पर बैठे छात्रों को शामिल नहीं किया गया था। छात्रों ने आंदोलन और वार्ता से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य मंत्री के समक्ष रखे। मंत्री ने कहा कि छात्रों से मिली जानकारी और सामने आये तथ्यों को गंभीरता से लिया जायेगा।
मुख्यमंत्री को देंगी पूरी जानकारी
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि छात्रों से बातचीत के दौरान सामने आये महत्वपूर्ण तथ्यों से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अवगत कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान टकराव से नहीं, बल्कि संवाद, संवेदना और सकारात्मक पहल से संभव है। युवा और छात्र राज्य की ताकत हैं। उनकी समस्याओं और भविष्य से जुड़े विषयों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना जाना चाहिए।
मंत्री ने अनशनकारी छात्रों से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की। साथ ही सकारात्मक संवाद के माध्यम से समाधान की प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखने का आग्रह किया।





