Patna: बिहार में फार्मास्युटिकल सेक्टर को मजबूत करने और अत्याधुनिक दवाओं व मेडिकल उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इसी कड़ी में राज्य के हाजीपुर और फतुहा औद्योगिक क्षेत्रों में आधुनिक मेडिकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं के शुरू होने से प्रदेश में मेडिकल उपकरणों, डिवाइसेज, सर्जिकल उत्पादों और जरूरी दवाओं के स्थानीय उत्पादन को रफ्तार मिलेगी।
हाजीपुर और फतुहा में 60 करोड़ से अधिक का निवेश
हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र में मेसर्स एक्सेल इंडस्ट्रीज द्वारा ₹5.47 करोड़ के निवेश से करीब 0.31 एकड़ जमीन पर मेडिकल इक्विपमेंट, मेडिकल फर्नीचर और संबद्ध उत्पादों की अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई लगाई जा रही है। वहीं, फतुहा औद्योगिक क्षेत्र में मेसर्स एक्सेल साइंटिफिक प्राइवेट लिमिटेड की ओर से ₹55 करोड़ के भारी निवेश से लगभग 0.81 एकड़ भूमि पर मेडिकल डिवाइसेज, इम्प्लांट्स, ड्रग्स और सर्जिकल प्रोडक्ट्स की यूनिट स्थापित की जा रही है।
‘बिल्ड इन बिहार’ से मिलेगा रोजगार और आत्मनिर्भरता
इन दोनों विनिर्माण इकाइयों की स्थापना से राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक मजबूत स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग बेस तैयार होगा। गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उत्पादों की आपूर्ति बढ़ने के साथ ही स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसरों को मजबूती मिलेगी। यह निवेश बिहार में उभरते इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम को रेखांकित करता है। इससे हेल्थकेयर सेक्टर में “बिल्ड इन बिहार” की मुहिम को गति मिलेगी और राज्य मेडिकल उपकरण एवं संबंधित उत्पादों के उभरते केंद्र के रूप में विकसित होगा।





