Patna: बिहार के कलाकारों और रंगकर्मियों का दशकों पुराना इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने राजधानी पटना में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) के नए परिसर की स्थापना को औपचारिक मंजूरी दे दी है। यह देश का सातवां NSD केंद्र होगा। इस महत्वपूर्ण निर्णय को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच पूरी सहमति बन गई है। इस पहल से राज्य के युवाओं को अभिनय, निर्देशन और रंगमंच की आधुनिक तकनीकों का राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण अब अपने ही राज्य में मिल सकेगा। साथ ही, बिहार की समृद्ध लोक कलाओं और रंगमंचीय परंपराओं को भी देश स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
जमीन चयन की प्रक्रिया शुरू, 50% खर्च देगी राज्य सरकार
नए परिसर के लिए उपयुक्त भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार इसके लिए जरूरी जमीन उपलब्ध कराने के साथ ही भवन निर्माण की स्वीकृत लागत का 50 प्रतिशत राज्यांश भी वहन करेगी। केंद्र और राज्य की साझेदारी से बनने वाला यह संस्थान आधुनिक प्रशिक्षण, निर्देशन, शोध और मंच-शिल्प को बिहार की लोक रंगमंच परंपराओं से जोड़ेगा। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के प्रति आभार व्यक्त किया गया है।
फैसले से कलाकारों और रंगकर्मियों में खुशी की लहर
इस फैसले पर खुशी जताते हुए मैथिली थिएटर ‘भंगिमा पटना’ से जुड़े संजीव झा ने कहा कि पहले खिलाड़ियों के साथ-साथ कलाकारों को भी अवसर के लिए बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब यह स्थिति बदलेगी। वहीं अभिनेता कुमार रविकांत ने इसे लंबे संघर्ष की जीत बताते हुए कहा कि बिहार में NSD की शाखा खुलना सभी रंगकर्मियों के लिए गर्व का विषय है।
अभिनेता कुमार कन्हैया सिंह ने कहा कि इससे स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का सही मौका मिलेगा और राज्य आगे बढ़ेगा। रंगकर्मी ललित झा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वे लोग गांव के मंच से क्षेत्रीय धारावाहिकों तक पहुंचे, लेकिन अभिनय की बारीकियां सीखने के लिए स्कूल की कमी हमेशा खलती थी, जिसे सरकार के इस कदम ने पूरा कर दिया है।





