नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बैंक धोखाधड़ी और लोन के कथित दुरुपयोग से जुड़े दो मामलों में कई राज्यों में छापेमारी की है। एजेंसी ने बिहार, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग ठिकानों पर कार्रवाई की।
पटना जोनल कार्यालय की टीम ने गया की रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड से जुड़े मामले में गया, गुरुग्राम और नई दिल्ली के कुल 9 ठिकानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत की गई है।
जांच के अनुसार, कंपनी को बैंकों के समूह ने करीब 85 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था। आरोप है कि इसमें से करीब 58 करोड़ रुपये कथित तौर पर फर्जी परियोजना रिपोर्ट के आधार पर दूसरी जगह भेजे गए। ईडी अब इस रकम के इस्तेमाल और उससे जुड़े लेनदेन की जांच कर रही है।
एजेंसी को कुछ संपत्तियों की बिक्री को लेकर भी संदेह है। जांच में सामने आया है कि बैंक के पास गिरवी रखी गई कुछ संपत्तियां बाद में बेच दी गईं। ईडी बिक्री की रकम, संपत्तियों के वास्तविक मूल्य और खरीदारों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
इस मामले में गया में 6, गुरुग्राम में 2 और नई दिल्ली में 1 स्थान पर छापेमारी की गई है।
दूसरे मामले में भी कई शहरों में कार्रवाई
ईडी के कोलकाता जोनल कार्यालय ने ओडिशा के एआरएसएस समूह और एएमआर/एएमआरएल समूह से जुड़े लोगों और कंपनियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की। यह कार्रवाई एसआरईआई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस और एसआरईआई इक्विपमेंट फाइनेंस से जुड़े कथित ऋण घोटाले की जांच के तहत की जा रही है।
इस मामले में कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद में कई परिसरों की तलाशी ली गई। ईडी कथित तौर पर ऋण के दुरुपयोग, पुराने कर्ज की अदायगी के लिए नए कर्ज के इस्तेमाल और कंपनियों के बीच पैसे के लेनदेन की जांच कर रही है।
दोनों मामलों में ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि बैंक से मिले ऋण का इस्तेमाल वास्तव में किस उद्देश्य के लिए किया गया और क्या रकम को नियमों के खिलाफ दूसरी संस्थाओं में भेजा गया।




