Patna: बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने राजधानी पटना में चल रहे सभी सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा को लेकर सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग की मंत्री लेशी सिंह ने सोमवार को स्पष्ट निर्देश दिए कि राजधानी में विभाग द्वारा बनाए जा रहे सभी भवनों की नियमित और सघन जांच की जाए। एमएलए आवासन योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन एमएलए हॉस्टल परिसर का औचक स्थल निरीक्षण करने पहुंचीं मंत्री ने मुख्य अभियंता (गुणवत्ता) को मौके पर ही जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने परिसर में चल रहे निर्माण कार्य की प्रगति, मजबूती और सुविधाओं का बारीकी से मुआयना किया और कार्य एजेंसी को मानक के अनुसार काम करने की हिदायत दी।
मौके पर कराया गया वैज्ञानिक टेस्ट, लैब भेजे गए सैंपल
निरीक्षण के दौरान मंत्री लेशी सिंह ने गुणवत्ता जांच को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती। उन्होंने मुख्य अभियंता (गुणवत्ता) और उनकी तकनीकी टीम की मौजूदगी में निर्माण सामग्री के सैंपल एकत्रित करवाए और उन्हें आगे की जांच के लिए सीधे केंद्रीय प्रयोगशाला भिजवाया। इतना ही नहीं, मौके पर ही निर्माण की मजबूती परखने के लिए नॉन-डिस्ट्रिक्टिव टेस्ट (NDT) तकनीक का इस्तेमाल किया गया। इसके तहत अल्ट्रासोनिक पल्स वेलोसिटी (UPV) टेस्ट, रिबार लोकेटर टेस्ट और रिबाउंड हैमर टेस्ट के जरिए कंक्रीट और सरिये की गुणवत्ता की तत्काल ऑन-स्पॉट जांच कराई गई। मंत्री ने दो टूक कहा कि निर्माण सामग्री के उच्च मानकों में शत-प्रतिशत पारदर्शिता होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डिजाइन में बदलाव और फायर सेफ्टी के कड़े मानक
मंत्री ने भवन की मौजूदा डिजाइन की समीक्षा करते हुए कुछ जरूरी तकनीकी सुधारों के निर्देश दिए और संबंधित आर्किटेक्ट्स व इंजीनियरों से जल्द संशोधित डिजाइन उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि भवन में अग्निशमन सुरक्षा (फायर सेफ्टी), लिफ्ट संचालन, विद्युत आपूर्ति और ड्रेनेज व जलापूर्ति व्यवस्था राष्ट्रीय मानकों के पूर्णतः अनुरूप हो। वहीं, विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने संबंधित अभियंताओं को प्रोजेक्ट की दैनिक निगरानी करने, प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय भेजने और परिसर में लैंडस्केपिंग व गार्डन वर्क को प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने के निर्देश दिए।
83 सुइट्स, पार्टी हॉल और 3 लिफ्ट से लैस होगा नया हॉस्टल
निर्माणाधीन एमएलए हॉस्टल को बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर, अपर ग्राउंड फ्लोर, सर्विस फ्लोर और 6 ऊपरी मंजिलों की अत्याधुनिक बहुमंजिला संरचना के रूप में तैयार किया जा रहा है। पूरे भवन में कुल 83 सुइट बनाए जा रहे हैं। हॉस्टल के प्रथम तल पर 17 सुइट, 2 लाउंज और 2 स्टोर रूम होंगे। द्वितीय तल पर 16 सुइट, 3 लाउंज व 2 स्टोर, वहीं तृतीय और चतुर्थ तल पर 17-17 सुइट, 2-2 लाउंज और 2-2 स्टोर की व्यवस्था रहेगी। पांचवें तल पर 16 सुइट, 3 लाउंज व 2 स्टोर बनाए जाएंगे। इसके अलावा छठे तल पर एक भव्य पार्टी हॉल, पैंट्री, स्टोर और वॉशरूम की सुविधा होगी। भोजन व्यवस्था के लिए 72 व्यक्तियों की बैठक क्षमता वाली आधुनिक कैंटीन-सह-डाइनिंग हॉल और आवागमन के लिए 16, 16 और 8 क्षमता की तीन हाई-स्पीड लिफ्ट लगाई जाएंगी। निरीक्षण के दौरान विभाग के अपर सचिव राजेश कुमार सिंह सहित विद्युत, गुणवत्ता व निर्माण विंग के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे।



