फॉण्ट कनवर्टर NEW

चाईबासा में विधिक जागरूकता अभियान, छात्रों को बताए साइबर फ्रॉड से बचाव के तरीके

Chaibasa news: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देश पर तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डीएलएसए पश्चिम सिंहभूम मौहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत संत जेवियर्स विद्यालय में लीगल लिटरेसी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

अपनी भाषा में पढ़ें

Chaibasa news: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देश पर तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डीएलएसए पश्चिम सिंहभूम मौहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत संत जेवियर्स विद्यालय में लीगल लिटरेसी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में डीएलएसए सचिव रवि चौधरी ने छात्रों को बाल श्रम, बाल सुरक्षा, बाल विवाह और मानव तस्करी से जुड़े कानूनों की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि कम उम्र के बच्चों से श्रम कराना कानूनन अपराध है और इससे बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास प्रभावित होता है। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई पर ध्यान देने और सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की सलाह दी।

रवि चौधरी ने बाल तस्करी को गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि बड़े शहरों में नौकरी दिलाने का लालच देकर बच्चों और युवाओं का शोषण किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की सूचना डीएलएसए के टोल फ्री नंबर 15100, चाइल्डलाइन 1098 तथा पुलिस हेल्पलाइन 100 या 112 पर दी जा सकती है।

कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा को लेकर भी बच्चों को जागरूक किया गया। उन्होंने ट्रैफिक नियमों और सड़क संकेतों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है।

इस दौरान DAWN योजना की जानकारी देते हुए उन्होंने मादक द्रव्यों के सेवन के कानूनी परिणामों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि यह योजना नशा पीड़ितों, उनके परिवारों और सहायता की जरूरत वाले लोगों को कानूनी सहायता, परामर्श और पुनर्वास सुविधा उपलब्ध कराने के लिए चलाई जा रही है।

साइबर सुरक्षा विषय पर छात्रों को जागरूक करते हुए रवि चौधरी ने कहा कि बच्चों को OTP, पासवर्ड और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और किसी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत अभिभावकों को बताने की सलाह दी। साइबर अपराध की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी भी दी गई।

उन्होंने अभिभावकों को बच्चों के मोबाइल में पैरेंटल कंट्रोल लगाने, UPI लिमिट तय करने और बच्चों से नियमित रूप से ऑनलाइन गतिविधियों के बारे में बातचीत करने की सलाह दी।

कार्यक्रम में अधिकार मित्र अलकमा रूही, अरुण विश्वकर्मा, असीमा चैटर्जी सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram