रांची: झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने स्विट्जरलैंड की राजधानी बर्न में स्थित फेडरल पैलेस का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां की संसद और संघीय व्यवस्था के कामकाज को करीब से समझा।
दौरे के दौरान रबीन्द्रनाथ महतो ने प्रत्यक्ष लोकतंत्र, जनभागीदारी और सत्ता के विकेंद्रीकरण से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों की लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को समझने से भारत की संस्थाओं को मजबूत करने के लिए नए विचार मिलते हैं।
कैंटनों को ज्यादा अधिकार
स्विट्जरलैंड की व्यवस्था के बारे में जानकारी लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने जाना कि वहां के कैंटनों यानी राज्यों को काफी अधिकार मिले हुए हैं। वहीं, देश की संघीय कार्यपालिका का संचालन एक व्यक्ति नहीं बल्कि सात सदस्यीय संघीय परिषद करती है।
उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड की व्यवस्था में जनता की भागीदारी और सत्ता के विकेंद्रीकरण को काफी महत्व दिया जाता है।
झारखंड के लिए भी उपयोगी अनुभव
महतो ने कहा कि स्विट्जरलैंड की लोकतांत्रिक व्यवस्था का अध्ययन झारखंड और भारत के लिए भी उपयोगी हो सकता है। खासकर नीति निर्माण में आम लोगों की भागीदारी और संस्थाओं के बेहतर संचालन से जुड़े अनुभव महत्वपूर्ण हैं।
इस दौरे में झारखंड विधानसभा के अन्य सदस्य और प्रतिनिधिमंडल के लोग भी शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने स्विट्जरलैंड की संसद के कामकाज और वहां की संस्थागत व्यवस्था की जानकारी हासिल की।




