Jamui: जमुई जिले में नाबालिग छात्रा और उसके साथी को रास्ते में रोककर छेड़छाड़ व प्रताड़ित करने के सनसनीखेज मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार तड़के हुई मुठभेड़ और धरपकड़ के दौरान घटना के दोनों मुख्य आरोपी—हरेराम यादव और नंदन यादव गिरफ्तार कर लिए गए हैं। पुलिस को देखते ही भागने के क्रम में हरेराम यादव का पैर टूट गया, जबकि पुलिस टीम पर फायरिंग करने वाले नंदन यादव के पैर में जवाबी कार्रवाई में गोली लगी है। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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सुबह 5 बजे नदी के बहियार में घेराबंदी, जंगल से की फायरिंग
जमुई पुलिस को मंगलवार सुबह करीब 5 बजे गुप्त सूचना मिली कि दोनों मुख्य आरोपी जिले के प्रतापपुर गांव के बाहर नदी के बहियार (कछार) वाले इलाके में छिपे हुए हैं। एसआईटी ने तुरंत इलाके की चौतरफा घेराबंदी शुरू की। पुलिस की भारी मौजूदगी देखकर दोनों आरोपी भागने लगे। भागदौड़ के दौरान बार-बार गड्ढों में गिरने से हरेराम यादव का पैर टूट गया और वह पकड़ा गया। वहीं दूसरा आरोपी नंदन यादव कास के घने जंगल में घुस गया और उसने पुलिस पर सीधे गोलियां चलानी शुरू कर दीं। पुलिस ने आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी फायरिंग की, जिससे गोली नंदन के पैर में लगी और वह वहीं ढेर होकर पकड़ा गया।
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24 घंटे में खुलासा, बालू खनन और शराब तस्करी का पुराना इतिहास
इससे पहले 21 सितंबर को त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन नाबालिग आरोपियों को चिन्हित कर निरुद्ध किया था। इसके बाद लगातार दबिश देकर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार हरेराम यादव और नंदन यादव दोनों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वे इलाके में अवैध बालू खनन और अवैध शराब के धंधे में लंबे समय से सक्रिय थे और उनके खिलाफ आसपास के कई थानों में पहले से मामले दर्ज हैं। जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि इन दोनों से गहन पूछताछ जारी है और उनके पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
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वीडियो वायरल करने वाले 120 सोशल मीडिया हैंडल्स पर एफआईआर
इस संवेदनशील घटना का वीडियो बनाकर पीड़िता की पहचान उजागर करने और उसे सोशल मीडिया पर तेजी से फैलाने वालों के खिलाफ भी पुलिस ने कानूनी शिकंजा कसा है। जमुई साइबर थाने में आईटी एक्ट, पॉक्सो (POCSO) एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस सिलसिले में वीडियो फैलाने वाले 3 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल्स और पोस्ट्स को चिन्हित कर उन पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नाबालिग पीड़िता की निजता का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।




