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Hubballi, (Karnataka): भारतीय घरेलू क्रिकेट में आज एक नया इतिहास रचा गया है। पारस डोगरा की कप्तानी वाली जम्मू-कश्मीर की टीम ने 8 बार की रणजी चैंपियन कर्नाटक को हराकर पहली बार इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया है। हुबली के डी.आर. बेंद्रे क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर को पहली पारी में मिली विशाल बढ़त के आधार पर विजेता घोषित किया गया।
पहली पारी में रनों का पहाड़: टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जम्मू-कश्मीर की टीम ने इरादे साफ कर दिए थे। शुभम पुंडिर के शानदार 121 रनों के शतक, यावेर हसन खान (88), साहिल लोतरा (72), कन्हैया वधावन (70) और कप्तान पारस डोगरा (70) के सामूहिक योगदान से टीम ने पहली पारी में 584 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
मयंक अग्रवाल की जुझारू पारी गई बेकार: जवाब में कर्नाटक की टीम दबाव में बिखर गई। कप्तान मयंक अग्रवाल ने अकेले किला लड़ाते हुए 160 रनों की साहसी पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी का साथ नहीं मिला। कर्नाटक की पहली पारी महज 293 रनों पर सिमट गई। जम्मू-कश्मीर के गेंदबाज औकिब नबी ने घातक गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके, जबकि युदवीर सिंह और सुनील कुमार ने 2-2 विकेट लिए।
दूसरी पारी में कामरान और साहिल का प्रहार: पहली पारी में 291 रनों की भारी बढ़त लेने के बाद जम्मू-कश्मीर ने दूसरी पारी में भी कर्नाटक के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। सलामी बल्लेबाज कामरान इकबाल (नाबाद 160) और साहिल लोतरा (नाबाद 101) के बीच हुई 197 रनों की नाबाद साझेदारी ने कर्नाटक की वापसी की उम्मीदों को पूरी तरह खत्म कर दिया। जैसे ही साहिल का शतक पूरा हुआ, कप्तान ने 4 विकेट पर 342 रन बनाकर पारी घोषित की और मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
सम्मान की बौछार: शानदार शतक लगाने वाले शुभम पुंडिर को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया, जबकि पूरे सीजन में अपनी गेंदबाजी से कहर ढाने वाले औकिब नबी को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ के खिताब से नवाजा गया। यह जीत जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए एक नई क्रांति की शुरुआत मानी जा रही है।

