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अनाबद्ध निधि की योजनाओं में ढिलाई पर चेतावनी, 2 रद्द, 7 को समय पर पूरा करने का अल्टीमेटम

रांची: राजधानी में विकास योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह रेस नजर आ रहा है। समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित कॉन्फ्रेंस कक्ष में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त (डीसी) रांची, मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक

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रांची: राजधानी में विकास योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह रेस नजर आ रहा है। समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित कॉन्फ्रेंस कक्ष में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त (डीसी) रांची, मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में जिला अनाबद्ध निधि (District Unattached Fund) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 की स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित कार्य एजेंसियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विकास योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है, उनके लिए अविलम्ब संवेदकों (ठेकेदारों) के साथ एकरारनामा (एग्रीमेंट) की प्रक्रिया पूरी की जाए और धरातल पर काम शीघ्रातिशीघ्र प्रारंभ करना सुनिश्चित करें। योजनाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस बैठक में केंद्र प्रायोजित ‘पीएम अभिम’ (PM ABHIM) योजना की प्रगति पर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने उपायुक्त को अवगत कराया कि इस मद के तहत कुल 9 योजनाएं स्वीकृत की गई थीं, जिनमें से तकनीकी व अन्य कारणों से शहरी क्षेत्र की 2 योजनाओं को रद्द कर दिया गया है। डीसी ने बची हुई शेष 7 योजनाओं को पूरी तरह समयबद्ध तरीके से और गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के लिए संबंधित कार्यकारी एजेंसियों को कड़े निर्देश जारी किए।

इसके साथ ही, उपायुक्त ने जनहित से जुड़ी सांसद और विधायक निधि (MPLADS और MLA Fund) की योजनाओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि माननीय सांसदों और विधायकों द्वारा अनुशंसित योजनाओं का शीघ्र एकरारनामा कर उन्हें निर्धारित समय-सीमा के अंदर पूरा किया जाए। ऐसा करने से वित्तीय वर्ष 2026-27 की नई योजनाओं की अनुशंसा और उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के सुगमता से शुरू की जा सकेगी। उन्होंने जिला खेल पदाधिकारी को भी निर्देशित किया कि डीएमएफटी (DMFT), पर्यटन (Tourism) और सीएसआर (CSR) मद से संचालित सभी लंबित योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा कराएं।

बैठक के अंत में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि सरकारी योजनाओं और जनसेवा के मूल उद्देश्य को सार्थक किया जा सके। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) रांची संजय भगत, सिविल सर्जन, जिला योजना पदाधिकारी, जिला परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल तथा लघु सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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