Career Adda: कॉरपोरेट जगत में लंबे समय से बेहतरीन करियर और ऊंचे पैकेज की पहली पसंद माना जाने वाला एमबीए अब अपनी बादशाहत खोता नजर आ रहा है। रोजगार के बदलते परिदृश्य पर आई एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जॉब मार्केट में कंप्यूटर साइंस (CS) और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) ने एमबीए को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। डिजिटल तकनीक के तेज प्रसार ने भारत में तकनीकी डिग्री धारक युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल दिए हैं।
जॉब मार्केट में बड़ा उलटफेर: टेक और डेटा स्किल्स की बादशाहत
क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल टूल्स में कंपनियों द्वारा किए जा रहे भारी निवेश के चलते स्किल्ड ग्रेजुएट्स की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
एआई और ऑटोमेशन ने बढ़ाई टेक ग्रेजुएट्स की मांग
रिपोर्ट के अनुसार, उद्योग जगत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने कंप्यूटर साइंस और आईटी प्रोफेशनल्स की जरूरत को अनिवार्य बना दिया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का निरंतर विस्तार और डेटा सुरक्षा की चुनौतियों ने इस मांग को और बढ़ाया है।
कंपनियां आज ऐसे युवाओं को प्राथमिकता दे रही हैं जो केवल कोडिंग तक सीमित न हों, बल्कि जिनके पास बेहतरीन इंजीनियरिंग समझ और डेटा हैंडलिंग की व्यावहारिक क्षमता हो।
अकेले आईटी सेक्टर में 35 फीसदी युवाओं को नौकरियां
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, आज देश में सबसे ज्यादा नौकरियां आईटी सेक्टर ही उपलब्ध करा रहा है। रिपोर्ट बताती है कि कुल नियुक्तियों में से 35 फीसदी हिस्सेदारी अकेले आईटी और तकनीकी क्षेत्र की है।
यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि तकनीकी दक्षता पर आधारित करियर आने वाले लंबे समय तक युवाओं के लिए सबसे मजबूत और सुरक्षित विकल्प बना रहेगा।
कॉमर्स डिग्री भी बनी रोजगार का मजबूत विकल्प
रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि तकनीकी बूम के बीच कॉमर्स अब केवल एक पारंपरिक डिग्री नहीं रह गई है। वित्तीय प्रबंधन और कॉरपोरेट जरूरतों के चलते कॉमर्स स्ट्रीम भी युवाओं के लिए करियर और रोजगार का एक मजबूत विकल्प बनकर उभरी है।




