Washington, USA: मध्य-पूर्व (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव एक बार फिर बेहद खतरनाक और विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इस जवाबी कार्रवाई को हाल ही में अमेरिका द्वारा ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर की गई सैन्य कार्रवाई का सीधा और कड़ा प्रतिशोध माना जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में चौतरफा महायुद्ध की आशंका गहरा गई है।
जॉर्डन ने 10 मिसाइलों को हवा में ही किया ध्वस्त
जॉर्डन के रक्षा अधिकारियों के अनुसार, उनके हवाई क्षेत्र में ईरान की ओर से कुल 13 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। हालांकि, जॉर्डन के अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम ने तत्परता दिखाते हुए इनमें से 10 मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। शेष तीन मिसाइलें देश के दूरदराज और निर्जन इलाकों में गिरीं, जिसमें किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। दूसरी ओर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उसने जॉर्डन स्थित अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के कैंप टिटिन बेस को सीधे तौर पर निशाना बनाया है।
कुवैत और बहरीन में हाई अलर्ट
घटनाक्रम के तहत कुवैत के रक्षा तंत्र ने भी अपने हवाई क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल गतिविधियों की पुष्टि की है, हालांकि नुकसान का विस्तृत ब्योरा अभी साझा नहीं किया गया है। वहीं बहरीन सरकार ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरे देश में हाई-लेवल अलर्ट जारी कर दिया है। ईरान ने बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसैनिक उपस्थिति के प्रमुख केंद्र ‘शेख ईसा एयरबेस’ पर ड्रोन से हमला करने का दावा किया है।
अमेरिकी हमलों और मौतों के बाद भड़का ईरान
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व अमेरिका ने ईरान के भीतर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार स्टेशनों, नौसैनिक परिचालन केंद्रों और बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमताओं को नष्ट करने के लिए घातक हवाई हमले किए थे। अमेरिकी नेतृत्व ने पहले ही आगाह किया था कि किसी भी जवाबी कार्रवाई का अंजाम बेहद विनाशकारी होगा। इधर, दक्षिणी ईरान के सिरिक इलाके से सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी हमलों में एक बच्चे सहित 5 नागरिकों की मौत हो गई थी, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस जनहानि के बाद ही ईरान ने खाड़ी देशों में फैले अमेरिकी सैन्य नेटवर्क पर एक साथ कई मोर्चों से जवाबी हमले शुरू किए हैं।




