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“अंत तक लड़ेंगे!” 3 लाख से ज्यादा ईरानियों ने भरी हुंकार, ट्रंप की धड़कनें तेज

तेहरान में आयोजित विशाल रैली में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की मौजूदगी में 3.13 लाख लोगों ने अमेरिका के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन किया, जहां नवगठित 'जफांदा-ये-ईरान' के वॉलेंटियर्स को सैन्य प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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Tehran, Iran: ईरान की राजधानी तेहरान से आई तस्वीरों ने ट्रम्प की धड़कनों को और तेज़ कर दिया, जहां हजारों महिलाओं और पुरुषों ने सड़कों पर उतरकर अमेरिका से लड़ने की हुंकार भरी। सरकार द्वारा आयोजित बड़ी रैली में, ईरानी अधिकारियों के मुताबिक 3,13,000 लोग भाग लिए, जिनमें राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन भी थे। मार्च के फुटेज में महिलाओं को हथियारों के साथ भी देखा गया।

अधिकारियों ने बताया कि जफांडा-ये-ईरान नामक नई फौज के सदस्यों को सीमित सैन्य प्रशिक्षण और आपातकालीन प्रतिक्रिया की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका मतलब है कि ईरान अपने लोगों के प्राण न्योछावर करने के लिए तैयार है। अधिकारियों ने कहा कि यह फौज इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और बासिज मिलिशिया के लिए सुरक्षा की अतिरिक्त परत के रूप में काम करेगी। रैली में सरकार ने ड्रोन, एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम और अन्य सैन्य उपकरणों का भी प्रदर्शन किया।

तेहरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रमुख हसन हसंजादेह ने सरकारी प्रसारक को बताया कि इस अभियान में 6,00,000 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है और 10,00,000 से अधिक के शामिल होने की उम्मीद है। राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने रैली को एकजुटता के प्रदर्शन के रूप में पेश किया, जिसका संदेश अमेरिका और इजराइल जैसे देशों के साथ-साथ ईरान की सत्ता को भी था कि जनता किसी भी संकट का सामना करने को तैयार है।

यह रैली उसी समय हुई जब अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी और नए प्रतिबंधों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इसे क्रूर आर्थिक युद्ध कहा। गुरुवार को अमेरिका ने ईरानी प्रतिबंधित संस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था में प्रवेश दिलाने वाले कथित अवैध डिजिटल मुद्रा नेटवर्क के खिलाफ भी कार्रवाई की। बासिज के प्रमुख हुसैन ताएब ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे पूरी तरह से रक्षा के लिए तैयार रहेंगे और ईरान के दुश्मनों के लिए दुःस्वप्न बनेंगे।

अधिकारियों के मुताबिक, इस स्वयंसेवी बल को संगठित करना देश की व्यापक रक्षा रणनीति का हिस्सा है, जिसमें महिलाएं और किशोर भी शामिल हैं।

एक स्वयंसेवक बहेहरा ने कहा कि वे दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि ईरान मजबूत और एकजुट है, और यद्यपि वे युद्ध नहीं चाहते, देश की रक्षा के लिए अंत तक तैयार हैं। सभी दबावों के बावजूद, ईरान अमेरिका के सामने झुकने को तैयार नहीं है, जिससे डोनाल्ड ट्रम्प के शासन परिवर्तन का सपना अभी भी अधूरा है।

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