Ranchi: झारखंड की राजनीति और जनसेवा में अपनी अमिट छाप छोड़ने वालीं पूर्व मंत्री विमला प्रधान के निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है। शुक्रवार रात रांची स्थित एक निजी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। इस दुखद समाचार के सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में मायूसी छा गई।
शनिवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रांची के लोअर करमटोली, रोड नंबर-2 स्थित दिवंगत विमला प्रधान के आवास पहुंचे। वहां उन्होंने दिवंगत नेता के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण और अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मरांग बुरु (ईश्वर) से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा इस असीम दुख की घड़ी में शोकाकुल परिजनों, समर्थकों और प्रशंसकों को यह अपार कष्ट सहने की शक्ति और संबल दें। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उनका ढांढस बंधाया।
दिवंगत नेता के योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि आदरणीय विमला प्रधान जी का निधन अत्यंत पीड़ादायक है। सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के प्रति उनका निस्वार्थ समर्पण सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने सिमडेगा समेत पूरे झारखंड के सर्वांगीण विकास के लिए वर्षों तक बेहद सक्रिय भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनका इस तरह असमय चले जाना झारखंड के राजनीतिक परिदृश्य के लिए एक ऐसा शून्य पैदा कर गया है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकता। वह समाज के प्रत्येक वर्ग, गरीब और जरूरतमंद समुदाय के कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहने वाली एक बेहद सजग, कर्मठ और लोकप्रिय राजनेता थीं।




