Jakarta: इंडोनेशिया के वेस्ट नुसा तेंगारा प्रांत स्थित लोम्बोक स्ट्रेट के पास बुधवार सुबह एक बड़ा समुद्री हादसा सामने आया है। पदांगबाई बंदरगाह से लेम्बर बंदरगाह जा रही एक नियमित पैसेंजर फेरी ‘पुत्री यास्मिन’ में अचानक भीषण आग लग गई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि राहत एवं बचाव दल ने तत्परता दिखाते हुए 106 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
तड़के 4 बजे समुद्र के बीचो-बीच भड़की आग
माताराम सर्च एंड रेस्क्यू (SAR) टीम से मिली जानकारी के अनुसार, फेरी में आग लगने की घटना बुधवार तड़के करीब 4:15 बजे हुई। इमरजेंसी रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद सुबह 4:39 बजे माताराम एसएआर कार्यालय ने राहत और बचाव कार्य के लिए विशेष टीमों को रवाना कर दिया। समुद्र के बीचों-बीच लपटों से घिरी फेरी से यात्रियों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
200 से अधिक बचावकर्मियों ने चलाया सर्च ऑपरेशन

एसएआर प्रमुख मुहम्मद हरियादी ने बताया कि बचाव अभियान में 200 से अधिक लोगों की संयुक्त टीमों को लगाया गया था। यात्रियों को बचाने के लिए इंडोनेशियाई नौसेना, पोलइरुड (वाटर एंड एयर पुलिस), कोस्टगार्ड और पास से गुजर रहे जहाजों के साथ-साथ स्थानीय मछुआरों ने भी मदद की। सुरक्षित निकाले गए लोगों में एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक शामिल है, जबकि बाकी सभी इंडोनेशियाई नागरिक हैं।
बाली और लोम्बोक पोर्ट पर पहुंचाए गए यात्री
रेस्क्यू किए गए यात्रियों को इलाज और प्राथमिक सहायता के लिए लोम्बोक के लेम्बर पोर्ट और बाली के पदांगबाई पोर्ट भेजा गया है। तलाश और बचाव अभियान को प्रभावी बनाने के लिए केएन एसएआर अर्जुन 220, रिजिड इन्फ्लेटेबल बोट (RIB) और नौसेना के जहाजों को तैनात किया गया था। इसके साथ ही हवाई निगरानी के लिए एक हेलीकॉप्टर की भी मदद ली गई।
लापता यात्रियों की तलाश जारी
अधिकारियों के अनुसार, केएमपी पोर्ट लिंक और अन्य जहाजों की मदद से सभी फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित तट तक पहुंचा दिया गया है। माताराम और डेनपसार एसएआर टीमें इलाके में लगातार गश्त कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि समुद्र में कोई अन्य यात्री लापता न हो। आग लगने के सटीक कारणों की जांच की जा रही है।




