Chatra news: विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक व्यवस्था एवं विश्वविद्यालय के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को लेकर सीनेट सदस्य राजेश साह, सीनेट सदस्य डॉ. संजय कुमार प्रभाकर एवं सिंडिकेट सदस्य डॉ. ललिता राणा ने सोमवार को महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति से लोकभवन में शिष्टाचार मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय एवं उसके अंगीभूत महाविद्यालयों से जुड़े लंबे समय से लंबित मामलों पर गंभीरता से विचार करने तथा शीघ्र समाधान की मांग की।

मुलाकात के दौरान सीनेट सदस्य राजेश साह ने कहा कि विनोबा भावे विश्वविद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि उत्तर छोटानागपुर प्रमंडल के लाखों विद्यार्थियों के सपनों और भविष्य का केंद्र है। विश्वविद्यालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय वर्षों से लंबित हैं, जिसके कारण विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं महाविद्यालयों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यदि इन समस्याओं का समय पर समाधान नहीं किया गया, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक कार्यप्रणाली तथा विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ेगा। इसलिए विश्वविद्यालय हित में त्वरित एवं सकारात्मक निर्णय अत्यंत आवश्यक है।

राजेश साह ने विशेष रूप से चतरा कॉलेज की भूमि लीज का अविलंब नवीकरण कराने की मांग रखते हुए कहा कि लीज नवीकरण नहीं होने के कारण महाविद्यालय के विकास कार्य, भवन निर्माण, आधारभूत संरचना के विस्तार तथा कई प्रशासनिक प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल चतरा कॉलेज का विषय नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय के विकास और उच्च शिक्षा को मजबूत करने से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला है, जिस पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।

इसी क्रम में राजेश साह ने विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव शीघ्र संपन्न कराने की जोरदार मांग उठाई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से छात्र संघ चुनाव नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर नहीं मिल रहा है। छात्र संघ विश्वविद्यालय प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच संवाद का सबसे सशक्त माध्यम होता है। छात्र प्रतिनिधियों के माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याएं प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचती हैं तथा उनके समाधान का मार्ग प्रशस्त होता है। लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने, विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और विश्वविद्यालय में स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए छात्र संघ चुनाव अविलंब कराया जाना चाहिए।
वहीं सीनेट सदस्य डॉ. संजय कुमार प्रभाकर ने रामगढ़ महिला कॉलेज को उसके स्वयं के भवन में स्थानांतरित (शिफ्ट) कर नियमित संचालन सुनिश्चित कराने की मांग रखते हुए कहा कि छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

सिंडिकेट सदस्य डॉ. ललिता राणा ने विश्वविद्यालय एवं उसके अंगीभूत महाविद्यालयों में Need Based (आवश्यकता आधारित) शिक्षकों की कमी को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि पर्याप्त शिक्षकों के अभाव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने आवश्यकता के अनुरूप शिक्षकों की शीघ्र व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

इसके अतिरिक्त राजेश साह, डॉ. संजय कुमार प्रभाकर एवं डॉ. ललिता राणा ने संयुक्त रूप से सीनेट एवं सिंडिकेट की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने की मांग करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के विकास, शैक्षणिक सुधार, वित्तीय निर्णय एवं प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति लाने के लिए इन बैठकों का नियमित होना अत्यंत आवश्यक है।

महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी विषयों को गंभीरता से सुना तथा विश्वविद्यालय हित में आवश्यक कार्रवाई का सकारात्मक आश्वासन दिया।

मुलाकात के बाद सीनेट सदस्य राजेश साह ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य केवल मांग रखना नहीं, बल्कि विनोबा भावे विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता, बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और छात्रहित के नए आयाम तक पहुंचाना है। हमें पूर्ण विश्वास है कि महामहिम के सकारात्मक हस्तक्षेप से विश्वविद्यालय के लंबित मामलों का शीघ्र समाधान होगा तथा उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

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