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पलामू-दुमका मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं, मरीजों और छात्रों को मिलेगा लाभ

झारखंड में मरीजों को बेहतर इलाज और युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई के अधिक अवसर देने की दिशा में नई योजना तैयार की जा रही है। इसके तहत पलामू और दुमका मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। दोनों मेडिकल कॉलेजों में मिलाकर

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रांची : झारखंड में मरीजों को बेहतर इलाज और युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई के अधिक अवसर देने की दिशा में नई योजना तैयार की जा रही है। इसके तहत पलामू और दुमका मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। दोनों मेडिकल कॉलेजों में मिलाकर 1000 बेड की सुविधा विकसित करने और एमबीबीएस की सीटें दोगुनी करने की योजना है। इससे आसपास के जिलों के मरीजों और मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

अस्पतालों में ज्यादा मरीजों का हो सकेगा इलाज

पलामू और दुमका मेडिकल कॉलेजों में बेड की संख्या बढ़ाने से अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने की क्षमता बढ़ेगी। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले लोगों को भी सुविधा मिल सकती है।

अभी कई मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे जिलों या बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। प्रस्तावित विस्तार के बाद स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधाएं बेहतर होने की उम्मीद है।

मेडिकल की पढ़ाई के लिए बढ़ेंगे अवसर

दोनों मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें दोगुनी करने की भी तैयारी है। प्रस्ताव को जरूरी मंजूरी मिलने के बाद अधिक विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेने का मौका मिल सकेगा।

सीटें बढ़ाने के लिए कॉलेजों में शिक्षकों, प्रयोगशालाओं, मेडिकल उपकरणों और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था भी करनी होगी। इससे मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

पलामू और दुमका समेत आसपास के जिलों को मिलेगा लाभ

अस्पतालों के विस्तार से पलामू, दुमका और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। अधिक बेड उपलब्ध होने पर अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने और इलाज देने की व्यवस्था मजबूत होगी।

वहीं मेडिकल सीटों में बढ़ोतरी से राज्य के युवाओं के लिए डॉक्टर बनने के अवसर बढ़ेंगे। भविष्य में इससे झारखंड में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

मंजूरी के बाद स्पष्ट होगी योजना की समय सीमा

फिलहाल दोनों मेडिकल कॉलेजों में कितने-कितने बेड विकसित किए जाएंगे और एमबीबीएस की कितनी सीटें बढ़ेंगी, इसका विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है।

योजना को लागू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक मंजूरी और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। इसके बाद ही निर्माण कार्य और सीटों में बढ़ोतरी की समय सीमा स्पष्ट हो सकेगी।

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