फॉण्ट कनवर्टर NEW

हरियाणा आईपीएस पूरन कुमार केस: परिवार ने पोस्टमार्टम के लिए दी सहमति

India News: हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार आत्महत्या प्रकरण में नौ दिन बाद परिवार ने पोस्टमार्टम के लिए सहमति दे दी है। प्रशासन के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद आज शाम करीब 4 बजे उनका अंतिम संस्कार चंडीगढ़ श्मशान घाट में किया जाएगा।

अपनी भाषा में पढ़ें

India News: हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार आत्महत्या प्रकरण में नौ दिन बाद परिवार ने पोस्टमार्टम के लिए सहमति दे दी है। प्रशासन के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद आज शाम करीब 4 बजे उनका अंतिम संस्कार चंडीगढ़ श्मशान घाट में किया जाएगा।

पूरन कुमार, 2001 बैच के अधिकारी थे और उन्होंने चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास पर अपनी सर्विस पिस्तौल से खुद को गोली मार ली थी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि उन्होंने नौ पन्नों का एक “अंतिम नोट” छोड़ा था, जिसमें 15 वरिष्ठ और पूर्व पुलिस अधिकारियों के नाम दर्ज हैं। इससे राज्य पुलिस के शीर्ष अधिकारियों पर जातिवाद और पक्षपात के आरोप गंभीर हो गए हैं।

एएसआई की आत्महत्या और नया मोड़

इस मामले में एक और मोड़ तब आया जब एक सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) की भी गोली लगने से मौत हो गई। उसके पास मिले सुसाइड नोट में दिवंगत पूरन कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए। उसके बाद से घटनाक्रम और पेचीदा हो गया है।

सरकार ने इस विवाद के बीच डीजीपी शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेजा और ओम प्रकाश सिंह को पुलिस महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा।

आईपीएस पूरन कुमार की पत्नी और राज्य की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार लगातार डीजीपी और बर्खास्त एसपी नरेंद्र बिजारनिया की गिरफ्तारी की मांग कर रही थीं, जिस कारण स्थिति गतिरोध में फंसी हुई थी।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस घटना को “दुःखद और संवेदनशील” बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से पीड़ित परिवार से किए गए वादे निभाने की अपील की। उन्होंने जाति-आधारित भेदभाव के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram