भुवनेश्वर/रांची: देश के स्कूली बच्चों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित “इंस्पायर-मानक” (INSPIRE-MANAK) योजना को लेकर हलचल तेज़ हो गई है। 25 अगस्त को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), भारत सरकार के अधीन कार्य कर रहे नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (NIF) के भुवनेश्वर स्थित कार्यालय में एक दिवसीय राष्ट्रीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में देश के 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नोडल अधिकारियों ने शिरकत की।
देश भर में 25 लाख आइडिया जुटाने का लक्ष्य
बैठक को संबोधित करते हुए NIF के निदेशक डॉ. अरविंद सी. रानाडे ने बताया कि इस वर्ष 12वीं राष्ट्रीय इंस्पायर-अवॉर्ड प्रतियोगिता का आयोजन अक्टूबर महीने में नई दिल्ली में किया जाएगा। योजना के तहत चुने गए शीर्ष 60 बाल वैज्ञानिकों को जापान जाने और वहां अपने प्रोजेक्ट प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने सत्र 2026-27 के लिए सभी स्कूलों से 15 सितंबर की अंतिम तिथि से पूर्व आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की। विभाग ने इस वर्ष पिछले 11 लाख के आंकड़े को पार करते हुए देश भर से 25 लाख नवीन विचारों (आइडियाज़) को पोर्टल पर लाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। वहीं, कैपेसिटी बिल्डिंग डिवीज़न के प्रमुख डॉ. उमेश शर्मा ने कहा कि युवाओं की एकजुट रचनात्मक ऊर्जा देश की तस्वीर बदल सकती है।
झारखंड: नामांकन की सुस्त रफ्तार पर सख्ती
बैठक में झारखंड का प्रतिनिधित्व सहायक राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. शाहनवाज कुरैशी ने किया। राज्य में नामांकन की मौजूदा गति पर चिंता जताते हुए क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक सह राज्य नोडल अधिकारी नीलम आईलीन टोप्पो ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और जिला शिक्षा अधीक्षकों (DSE) को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
गौतरतलब है कि सत्र 2025-26 में झारखंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 45,336 नामांकनों के साथ पूरे देश में 10वां स्थान हासिल किया था, जिसमें 10,886 स्कूलों की भागीदारी रही थी। हालांकि, इस सत्र में अब तक महज 4,204 नामांकन ही दर्ज हो सके हैं। सुस्त रफ्तार को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के साथ-साथ सीबीएसई (CBSE), नवोदय और केंद्रीय विद्यालयों को भी 15 सितंबर तक शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।




