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घाटशिला उपचुनाव : 2.55 लाख मतदाता, 13 उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला 

Ranchi : झारखंड के घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान 11 नवम्बर 2025 को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक कराया जाएगा। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि निर्वाचन आयोग

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Ranchi : झारखंड के घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान 11 नवम्बर 2025 को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक कराया जाएगा। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि निर्वाचन आयोग की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई हैं और मतदान को लेकर शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस पर्व में उत्साहपूर्वक भाग लें और मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें।

2.55 लाख मतदाता करेंगे नया विधायक तय

घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,55,820 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 1,24,899 पुरुष, 1,30,921 महिला और 3 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए 300 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि मतदान प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय तथा रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय से वेबकास्टिंग के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। राज्य पुलिस नोडल अधिकारी सह आईजी (ऑपरेशन) डॉ. एस. माइकल राज ने बताया कि 16 कंपनी बल तैनात किए गए हैं, जिनमें 10 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और अन्य राज्य सुरक्षा बल शामिल हैं। लगभग 1,280 जवानों की तैनाती सुनिश्चित की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

घाटशिला का राजनीतिक इतिहास

राज्य गठन के बाद से अब तक घाटशिला विधानसभा सीट पर कई दलों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। 2005 में कांग्रेस के प्रदीप बलमुचू ने यह सीट जीती थी। 2009 में रामदास सोरेन ने झामुमो के टिकट पर विजय हासिल की। 2014 में भाजपा के लक्ष्मण टुडू ने झामुमो को पराजित किया। 2019 और 2024 के विधानसभा चुनावों में रामदास सोरेन (झामुमो) ने लगातार जीत दर्ज करते हुए सीट पर कब्जा जमाए रखा। इस बार का उपचुनाव भाजपा और झामुमो दोनों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।

भाजपा-झामुमो के बीच सीधी टक्कर

भाजपा ने इस बार भी बाबूलाल सोरेन पर भरोसा जताया है, जो 2024 के चुनाव में भी उम्मीदवार रहे थे। वहीं, झामुमो की ओर से सोमेश चंद्र सोरेन मैदान में हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुकाबला भाजपा और झामुमो के बीच कांटे का रहने वाला है। घाटशिला सीट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2000 के चुनाव में भाजपा ने झारखंड की 28 अनुसूचित जनजाति (एसटी) आरक्षित सीटों में से 14 सीटों पर कब्जा जमाया था, लेकिन वर्तमान में उसके पास केवल एक एसटी सीट बची है। वहीं, 2024 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के तहत झामुमो ने 20 एसटी सीटें और कांग्रेस ने 7 सीटें जीती थीं। इस लिहाज से घाटशिला उपचुनाव भाजपा के लिए अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने का अवसर है।

13 उम्मीदवार मैदान में

  1. परमेश्वर टुडू (निर्दलीय)
  2. श्रीलाल किस्कू (निर्दलीय)
  3. बाबूलाल सोरेन (भाजपा)
  4. सोमेश चंद्र सोरेन (झामुमो)
  5. पार्वती हांसदा (पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया – डेमोक्रेटिक)
  6. मनसा राम हांसदा (निर्दलीय)
  7. नारायण सिंह (निर्दलीय)
  8. विकास हेम्ब्रम (निर्दलीय)
  9. पंचानन सोरेन (भारत आदिवासी पार्टी – बीएपी)
  10. बसंत कुमार टोपनो (निर्दलीय)
  11. रामदास मुर्मू (जेएलकेएम)
  12. मनोज कुमार सिंह (निर्दलीय)
  13. रामकृष्ण कांति महाली (निर्दलीय)

मतदान पर नजरें टिकीं

प्रशासन ने मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुँचने में सुविधा देने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। आयोग की ओर से दिव्यांग और वृद्ध मतदाताओं के लिए सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं। राजनीतिक दलों के लिए यह चुनाव जहां अपनी ताकत साबित करने का मौका है, वहीं मतदाताओं के लिए यह अपने क्षेत्र के भविष्य को तय करने का अवसर है।

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