Islamabad, Pakistan: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के रावलकोट में विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प के बाद तनाव बढ़ गया है। प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग किए जाने के आरोप हैं, जिसमें कई लोगों की मौत की बात सामने आई है। हालांकि मृतकों की वास्तविक संख्या को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
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प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) का दावा है कि रावलकोट में कम से कम नौ लोगों की मौत हुई है। वहीं कुछ स्थानीय स्रोत मृतकों की संख्या 17 तक बता रहे हैं। इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
फायरिंग के बाद सड़कों पर उतरे लोग
घटना के बाद रावलकोट समेत आसपास के इलाकों में आक्रोश बढ़ गया। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर पाकिस्तानी प्रशासन और सुरक्षाबलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। तनाव को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। अवामी एक्शन कमेटी की ओर से घटना में मारे गए लोगों की एक सूची जारी किए जाने की बात कही गई है।
दो महीने से जारी है आंदोलन
PoK में पिछले करीब दो महीने से स्थानीय मुद्दों और अधिकारों को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह आंदोलन जून की शुरुआत में स्थानीय चुनावों से पहले तेज हुआ था। प्रदर्शनकारी राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने, विधानसभा में आरक्षित सीटों से जुड़े प्रावधानों में बदलाव, गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहाई तथा बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार की मांग कर रहे हैं।
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91 मौतों के दावे की पुष्टि नहीं
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले दो महीनों के दौरान विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी हिंसा में करीब 91 स्थानीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। हालांकि इस आंकड़े की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं होने के कारण इसे पुष्ट संख्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। रावलकोट की ताजा घटना के बाद क्षेत्र में पहले से जारी असंतोष और बढ़ने की आशंका है। फिलहाल मौतों और घायलों की आधिकारिक संख्या तथा घटनाक्रम को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।




