Washington, (United States): अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (FBI) ने कुख्यात गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा शिकंजा कस दिया है। जांच एजेंसी ने उसे अपनी ’10 मोस्ट वांटेड’ भगोड़ों की सूची में शामिल कर लिया है। इसके साथ ही, एफबीआई ने गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी में मददगार साबित होने वाली सटीक जानकारी देने वाले के लिए 10 लाख डॉलर (करीब 10 करोड़ रुपये) के भारी-भरकम इनाम की घोषणा की है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग और उत्तरी अमेरिका में आपराधिक सिंडिकेट
एफबीआई के आधिकारिक बयान के अनुसार, सतिंदरजीत सिंह की तलाश लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से उसके सीधे संबंधों और संगठित अपराधों को लेकर है। एजेंसी ने रेखांकित किया है कि यह आपराधिक सिंडिकेट दक्षिणी कैलिफोर्निया के साथ-साथ समूचे अमेरिका और कनाडा में गंभीर हिंसक वारदातों में संलिप्त रहा है। गोल्डी बराड़ पर राजनीतिक और धार्मिक हस्तियों की हत्याओं, अंधाधुंध गोलीबारी, अपहरण, जबरन वसूली, जानलेवा हमलों के साथ-साथ मादक पदार्थों और हथियारों की बड़े पैमाने पर तस्करी के आरोप हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि वह इस वक्त अमेरिका में छिपा हुआ है और उत्तरी अमेरिका में इस गिरोह की कमान संभाल रहा है। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया की अदालत ने 1 जुलाई को उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
निज्जर हत्याकांड और ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ का असर
गोल्डी बराड़ पर कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रचने का भी आरोप लगा है, जिसके बाद भारत और कनाडा के कूटनीतिक रिश्तों में गहरा तनाव पैदा हो गया था। अमेरिका ने इस मामले को लेकर चार्जशीट भी दाखिल की थी। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत भारत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोहों पर लगातार कार्रवाई कर रही हैं। इस अभियान के तहत तीन अलग-अलग गिरोहों से जुड़े 37 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 24 आरोपियों को पहले ही दबोचा जा चुका है।
मुक्तसर से जुर्म की दुनिया तक का सफर
पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब का मूल निवासी गोल्डी बराड़ पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की दिनदहाड़े हुई हत्या की जिम्मेदारी लेने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुख्यात हुआ था। भारत सरकार का गृह मंत्रालय उसे पहले ही गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकी घोषित कर चुका है। उसने जुर्म की राह अपने चचेरे भाई गुरलाल बराड़ की हत्या का बदला लेने के लिए चुनी थी और उसी दौरान वह लॉरेंस बिश्नोई व जग्गू भगवानपुरिया के संपर्क में आया था।




