Patna: बिहार सरकार ने राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में शनिवार को हाफ-डे लागू कर दिया है। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि अब शनिवार को सरकारी विद्यालयों का संचालन सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक होगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
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शनिवार को स्कूल संचालन में क्या बदलाव होगा?
शिक्षा मंत्री ने बताया कि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शनिवार को दोपहर 1 बजे तक नियमित अध्यापन कार्य होंगे। इसके बाद पहले से निर्धारित अन्य गतिविधियां संचालित की जाएंगी और फिर छात्र-छात्राओं को छुट्टी दे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।
शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर क्या अपडेट है?
मिथिलेश तिवारी ने बताया कि स्वीकृत पदों से अधिक संख्या में कार्यरत शिक्षकों के लिए ऐच्छिक स्थानांतरण हेतु आवेदन प्रक्रिया 30 जुलाई से 5 अगस्त तक चली। इस दौरान 1,06,287 पात्र शिक्षकों में से 73,151 ने आवेदन किया है। अब उनके स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पारस्परिक स्थानांतरण के लिए 4,259 आवेदन प्राप्त हुए हैं और इसकी प्रक्रिया 14 सितंबर तक पूरी करने का लक्ष्य है। वहीं सामान्य स्थानांतरण के लिए 17 सितंबर से पोर्टल खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला कैडर व्यवस्था के तहत शिक्षकों का स्थानांतरण प्रत्येक पांच वर्ष में एक बार किया जाएगा।
शिक्षकों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था पर क्या बोले मंत्री?
शिक्षा मंत्री ने कहा कि 31 अक्टूबर 2026 तक शिक्षकों की सभी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद शिक्षक पूरी तरह विद्यार्थियों की समस्याओं और शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों को निजी विद्यालयों से बेहतर बनाने और नई शिक्षा नीति के अनुरूप सुधार लगातार किए जा रहे हैं।
शिक्षा विभाग का दो दिवसीय चिंतन शिविर
मिथिलेश तिवारी ने बताया कि 9 और 10 अगस्त को पहली बार जिला और मुख्यालय स्तर के शिक्षा विभाग के अधिकारियों का दो दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें विभागीय समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है और शिक्षा के उन्नयन के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।




