धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से दिया इस्तीफा, पीएम मोदी को सौंपा त्यागपत्र

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया। सोशल मीडिया पर जारी संदेश में उन्होंने NEET-UG विवाद, छात्रों के भविष्य और राष्ट्रसेवा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए इस्तीफे के पीछे की वजह साझा की।

New Delhi: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र भेजने की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि “राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उनका इस्तीफा हाल के NEET-UG विवाद और उससे जुड़े छात्र आंदोलनों के बीच आया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।

छात्रों के नाम लिखा संदेश


धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उन्होंने लिखा कि उनका हमेशा यह विश्वास रहा है कि मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की नींव होती है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की आकांक्षाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का वह हमेशा सम्मान करते रहे हैं।

NEET-UG विवाद पर क्या कहा?

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संदेश में कहा कि 3 मई को हुई NEET-UG परीक्षा में अनियमितताएं सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द करने, दोबारा परीक्षा कराने और अगले वर्ष से परीक्षा को सीबीटी (CBT) मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

उन्होंने लिखा कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारु रूप से संपन्न कराना थी, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों के साथ जिला प्रशासन तथा छात्रों एवं अभिभावकों का भी सहयोग मिला।

जिम्मेदारी लेने की कही बात

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही इस पूरे मामले की जिम्मेदारी ली और कभी परिस्थिति से मुंह नहीं मोड़ा। उनका कहना था कि किसी भी मेधावी छात्र के भविष्य के साथ अन्याय न हो, यही उनका प्रयास रहा।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ दिनों की घटनाओं ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से व्यथित किया। उनके अनुसार, देश की युवा शक्ति भ्रम का शिकार न हो और किसी भी छात्र का भविष्य कानूनी उलझनों में न फंसे, इसी विचार के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा भेजने का निर्णय लिया।

इस्तीफे की मुख्य वजह

छात्र आंदोलन: नीट-यूजी परीक्षा (NEET-UG) में अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर पिछले एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर और देशभर में छात्रों का भारी विरोध प्रदर्शन चल रहा था।

नैतिक जिम्मेदारी: प्रदर्शनकारी छात्रों और संगठनों द्वारा लगातार उनके इस्तीफे की मांग की जा रही थी, जिसके बाद उन्होंने यह बड़ा कदम उठाया।

पत्र में कही गई बातें

पीएम को भेजा पत्र: धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए अपने इस्तीफे की घोषणा की और पत्र साझा किया।

परीक्षा सुधार: अपने पत्र में उन्होंने जिक्र किया कि सरकार ने नीट परीक्षा विवाद के बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी और अगले साल से परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने का निर्णय लिया है।

प्रधानमंत्री और सहयोगियों का जताया आभार

अपने संदेश के अंत में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और विश्वास के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का भी धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वह भारत माता, ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए स्वयं को समर्पित रखेंगे।

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