धनबाद / रांची: झारखंड में अवैध कोयला खनन और फर्जीवाड़े के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मंगलवार सुबह जांच एजेंसी की टीम ने कोयलांचल धनबाद में कोयला कारोबारियों और उनसे जुड़े सहयोगियों के 25 से अधिक ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की।
इस कार्रवाई के तहत कोयला माफिया एलबी सिंह, अनिल गोयल, गणेश यादव, पप्पू मंडल, अनूप चौहान, हरेंद्र चौहान और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रोहित यादव के आवास व व्यावसायिक परिसरों को निशाना बनाया गया है। ईडी के अधिकारी इन ठिकानों पर दस्तावेजों की बारकी से छानबीन कर रहे हैं और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं।
छापेमारी के दौरान एक नाटकीय घटनाक्रम में ईडी की टीम जब एलबी सिंह के साले रंजीत सिंह के ठिकाने पर पहुंची, तो उसने खुद को अंदर से बंद कर लिया। ईडी के अधिकारियों ने बाहर रहकर मोर्चा संभाला और परिसर को घेर लिया।
गौरतलब है कि कोयला घोटाले के इस बड़े नेटवर्क को उजागर करने के लिए ईडी ने चार अलग-अलग एनफोर्समेंट केस इनफॉरमेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की थी। प्राथमिक जांच में एजेंसी को यह ठोस जानकारी मिली थी कि एलबी सिंह (लव सिंह) और उनके सहयोगियों ने अवैध कोयला खनन, अवैध परिवहन और अवैध भंडारण के जरिए करोड़ों रुपये की अकूत संपत्ति हासिल की है।
इससे पहले 21 नवंबर 2025 को भी ईडी ने एलबी सिंह और उनके नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए धनबाद और दुमका स्थित लगभग 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस कार्रवाई के दौरान केंद्रीय एजेंसी ने लगभग ₹2.20 करोड़ की भारी-भरकम नकदी और 150 से अधिक जमीन व प्रॉपर्टी के कागजात जब्त किए थे। उस दौरान भी अवैध खनन और परिवहन के कई पुख्ता साक्ष्य एजेंसी के हाथ लगे थे।
वर्तमान छापेमारी को उसी पिछली कार्रवाई की कड़ी माना जा रहा है, ताकि अवैध धन के पूरे चक्र और इसके पीछे शामिल अन्य सफेदपोशों व सहयोगियों का पूरी तरह पर्दाफाश किया जा सके। ईडी की इस अचानक कार्रवाई से पूरे कोयलांचल क्षेत्र में हड़कंप का माहौल है।




