डुमरी। प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), गुमला के तत्वावधान में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों के साथ-साथ समाज में फैली अंधविश्वास, डायन-बिसाही प्रथा और नशापान जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ डालसा के चीफ डीएन ओहदार, डिप्टी चीफ बुद्धेश्वर गोप और सदस्य राजकुमार गुप्ता की उपस्थिति में हुआ। इस दौरान पदाधिकारियों ने ग्रामीणों को कानून की जानकारी देते हुए किसी भी तरह के अन्याय, शोषण या सामाजिक कुरीति के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए डालसा चीफ डीएन ओहदार ने कहा कि अंधविश्वास में पड़कर किसी व्यक्ति को डायन-बिसाही के नाम पर प्रताड़ित करना कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा कि डायन-बिसाही जैसी कुप्रथा का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। ऐसी मान्यताओं के कारण समाज में हिंसा बढ़ती है और कई बार निर्दोष लोगों को प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने ग्रामीणों से अफवाहों पर विश्वास नहीं करने और किसी भी संदिग्ध मामले में कानून का सहारा लेने की अपील की। साथ ही कानूनी और गैर-कानूनी गतिविधियों के बीच अंतर को समझने की जरूरत बताई।
डिप्टी चीफ बुद्धेश्वर गोप ने कहा कि डालसा की ओर से चलाए जा रहे विधिक जागरूकता कार्यक्रम जनहित में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं और कानूनी सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जरूरी है। ग्रामीणों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर जरूरत पड़ने पर विधिक सहायता लेने की बात कही गई।
मौके पर एसआई मनोज कुमार, पंचायत सचिव शैलेन्द्र मिश्रा, राजकुमार ठाकुर, धनंजय सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।




