धनबाद : धनबाद के बारामुड़ी खटाल में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष संतोष सिंह ने प्रभावित परिवारों को राहत दिलाने के लिए आंदोलन करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बिहार के नेता पप्पू यादव को धनबाद बुलाने की बात भी कही है। वहीं भाजपा विधायक राज सिन्हा और सांसद ढुल्लू महतो ने कांग्रेस और झामुमो पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर झामुमो ने खटाल में रहने वाले परिवारों के पुनर्वास की मांग की है।
कांग्रेस ने दिया आंदोलन का आश्वासन
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच कांग्रेस जिला अध्यक्ष संतोष सिंह बारामुड़ी खटाल पहुंचे और वहां रहने वाले लोगों से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावित परिवारों को मदद दिलाने के लिए आंदोलन करने की बात कही। इस दौरान उन्होंने पप्पू यादव से वीडियो कॉल पर बातचीत भी की और उन्हें धनबाद बुलाने की बात कही।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर उठाए सवाल
भाजपा विधायक राज सिन्हा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड में झामुमो और कांग्रेस की सरकार है। ऐसे में प्रभावित परिवारों की समस्या का समाधान कराने के लिए बिहार के नेता को बुलाने की क्या जरूरत है। कांग्रेस को अपने मुख्यमंत्री और मंत्रियों से बात कर समस्या का समाधान कराना चाहिए।
वहीं सांसद ढुल्लू महतो ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अवैध गतिविधियों में शामिल है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन इसकी आड़ में सभी परिवारों को परेशान करना उचित नहीं है। उन्होंने खटाल में रहने वाले लोगों को उजाड़ने का विरोध करने की बात कही।
झामुमो ने की पुनर्वास की मांग
झामुमो की प्रदेश प्रवक्ता नीलम मिश्रा ने बारामुड़ी खटाल में रहने वाले परिवारों के पुनर्वास की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन परिवारों को पहले प्रशासनिक स्तर पर यहां बसाया गया था। ऐसे में उन्हें हटाने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन यहां कोई विकास योजना या सौंदर्यीकरण का काम करना चाहता है, तो इसकी जानकारी लोगों को दी जानी चाहिए। साथ ही किसी व्यक्ति के गलत काम में शामिल होने पर पूरे परिवार को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।
सरकारी जमीन से हटाया जाएगा अतिक्रमण : डीसी
धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि बारामुड़ी खटाल में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत है। इलाके में मादक पदार्थों से जुड़े दो मामले भी सामने आए हैं। इसके अलावा सड़कों पर मवेशियों के घूमने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
डीसी ने बताया कि सरकारी जमीन की मापी कराई जा रही है। अवैध निर्माण करने वालों को पहले नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल बारामुड़ी खटाल का मामला राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है। अब प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।




