पटना : मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने शुक्रवार को पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में विरोध मार्च निकाला। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की।
पटना में बैरिकेडिंग के पास प्रदर्शन
पटना में कांग्रेस कार्यकर्ता आर. ब्लॉक और चाणक्य होटल होते हुए राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर बढ़े। विधानसभा के पास प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी।
प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, जिसके बाद प्रशासन की ओर से वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। कार्यकर्ताओं के हाथों में बैनर और पोस्टर थे, जिन पर चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लिखे थे।
SIR और मतदाता सूची को लेकर विरोध
कांग्रेस का यह विरोध विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर है। पार्टी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
यह विरोध ऐसे समय हुआ है जब द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर लिखित आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट के अनुसार, ये आपत्तियां मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और बहाल करने, फॉर्म-6 में बदलाव और मतदाता डेटा से जुड़े मामलों को लेकर थीं।
चुनाव आयोग ने मतभेद के दावे को खारिज किया
रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग के सूत्रों ने आंतरिक मतभेद के दावों को खारिज किया। आयोग के अनुसार, SIR समेत सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए और अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से हुए। आयोग ने कहा कि अलग-अलग राय और सुझाव निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
कांग्रेस का कहना है कि वह मतदाता सूची और SIR से जुड़े इन्हीं मुद्दों को लेकर विरोध कर रही है।




