तिरंगे में लिपटा रांची पहुंचा असम राइफल्स के जवान का पार्थिव शरीर, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
हवलदार देवचरण उरांव का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव मान्हा में सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ किया गया।

HighLights
- हवलदार देवचरण उरांव का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार।
- मणिपुर में ड्यूटी के दौरान निधन, गांव में शोक की लहर।
- रांची के मान्हा गांव में दी गई अंतिम विदाई।
संवाददाता, कांके। पिठोरिया थाना क्षेत्र के मान्हा गांव निवासी 57 वर्षीय हवलदार देवचरण उरांव का शनिवार को पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
मणिपुर में ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद उपचार के क्रम में 20 अगस्त को उनका निधन हो गया था। शनिवार दोपहर करीब दो बजे उनके पैतृक गांव मान्हा स्थित मसना में आदिवासी रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया।
मणिपुर और रांची के नामकुम से पहुंची सैन्य टुकड़ी ने हवलदार देवचरण उरांव को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, सैन्यकर्मी और परिजन मौजूद रहे।




