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बिहार चुनाव: सीमांचल की मुस्लिम बाहुल्य 24 सीटों पर बीजेपी का फोकस

Patna News: बिहार विधानसभा चुनाव का ऐलान भले अभी न हुआ हो, लेकिन सीमांचल की 24 मुस्लिम बाहुल्य सीटों पर सियासी हलचल तेज हो गई है। यहां मुस्लिम आबादी 40 से 70 प्रतिशत तक है, जिससे ये सीटें हर दल के लिए अहम मानी जा

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Patna News: बिहार विधानसभा चुनाव का ऐलान भले अभी न हुआ हो, लेकिन सीमांचल की 24 मुस्लिम बाहुल्य सीटों पर सियासी हलचल तेज हो गई है। यहां मुस्लिम आबादी 40 से 70 प्रतिशत तक है, जिससे ये सीटें हर दल के लिए अहम मानी जा रही हैं। बीजेपी इस बार भी 2020 जैसी सफलता दोहराने की कोशिश कर रही है।

क्या 2020 की तरह सीमांचल में फिर खिलेगा कमल?

पिछले चुनाव में ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने यहां पांच सीटें जीतकर कांग्रेस और राजद को बड़ा झटका दिया था। उस नतीजे का फायदा अप्रत्याशित रूप से बीजेपी को मिला था। इस बार कांग्रेस और राजद इंडिया ब्लॉक के तहत मुस्लिम-दलित-यादव समीकरण पर दांव खेल रहे हैं। राहुल गांधी ने सीमांचल की आठ सीटों पर वोटर अधिकार यात्रा के जरिए सीधा जनसंपर्क साधा है।

24 सीटों पर मुस्लिम वोट बैंक

दूसरी ओर, एआईएमआईएम फिर से अकेले मैदान में उतरी है। ओवैसी का यह गढ़ माने जाने वाला इलाका मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकरण का केंद्र बना हुआ है। वोट बंटवारे की संभावना इस बार भी बनी हुई है, जबकि प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी भी धीरे-धीरे यहां पैठ बनाने में जुटी है।

भाजपा और विपक्ष में बढ़ी टक्कर

बीजेपी रणनीति के तहत मुस्लिम वोटों के मुकाबले दलितों और अति पिछड़े वर्ग पर ध्यान केंद्रित कर रही है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल का गृह जिला किशनगंज है, जो सीमांचल की राजनीति को खास महत्व देता है। उधर, मोदी की विकास रैली, राहुल गांधी का जनसंपर्क अभियान और ओवैसी का वोट बैंक समीकरण—तीनों ही फैक्टर चुनावी माहौल को रोमांचक बना रहे हैं।

अब देखना होगा कि 2020 की तरह बीजेपी सीमांचल में फिर कमल खिला पाती है या विपक्ष की नई रणनीति इस बार रंग लाती है।

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