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सरना धर्म कोड पर राजनीति न करे सरकार, जनजातीय अस्मिता के साथ हो न्याय: जे.बी. तुबिद

Jharkhand News: बीजेपी, चाईबासा जिला समिति के तत्वावधान में मंगलवार को शहर के कैफेटेरिया में एक अहम प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता बीजेपी जिलाध्यक्ष संजय पांडे ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में प्रदेश प्रवक्ता जे.बी. तुबिद ने राज्य की

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Jharkhand News: बीजेपी, चाईबासा जिला समिति के तत्वावधान में मंगलवार को शहर के कैफेटेरिया में एक अहम प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता बीजेपी जिलाध्यक्ष संजय पांडे ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में प्रदेश प्रवक्ता जे.बी. तुबिद ने राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों और सरकार की नीतियों पर पार्टी का पक्ष स्पष्ट किया।

सरना धर्म कोड पर चेताया “राजनीतिक रोटियाँ न सेंके”

प्रवक्ता तुबिद ने सरना धर्म कोड को लेकर चल रही राजनीतिक गतिविधियों पर चिंता जताते हुए कहा कि झारखंड में निवास करने वाले आदिवासी समुदायों की धार्मिक परंपराएँ अत्यंत विविध हैं। ऐसे में किसी एकपक्षीय ‘धर्म कोड’ को थोपना सामाजिक समरसता और जनजातीय विविधता के लिए घातक हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन जनभावनाओं का इस्तेमाल कर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है।

स्थानीय नीति और रोजगार पर सरकार की विफलता

बीजेपी प्रवक्ता ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों से सत्तारूढ़ गठबंधन स्थानीय नीति को स्पष्ट करने में असफल रहा है। इस कारण झारखंड के हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियों से वंचित होना पड़ रहा है, जबकि बाहरी लोगों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने इसे सरकार की नीयत और नीति की विफलता करार दिया।

शराब नीति और डैम परियोजनाओं पर भी साधा निशाना

आदिवासी क्षेत्रों में शराबबंदी की बात करने वाली सरकार अब पर्यटन के नाम पर गांव-गांव शराब बेचने की छूट दे रही है, जो आदिवासी संस्कृति, स्वास्थ्य और सामाजिक तानेबाने के खिलाफ है, तुबिद ने कहा।
इच्छा-खरकई डैम योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री ने इस योजना को बंद करने की बात कही थी, लेकिन अब निर्माण पर फिर बैठकें हो रही हैं, जिससे सरकार की कथनी और करनी में अंतर उजागर होता है।

बीजेपी की प्रतिबद्धता पर दिया जोर

जे.बी. तुबिद ने कहा कि बीजेपी स्वतंत्रता काल से ही आदिवासी समाज की प्रकृति पूजा परंपरा की रक्षा और विकास के लिए प्रतिबद्ध रही है। बीजेपी की अनुसांगिक संस्था ‘वनवासी कल्याण आश्रम’ ने वर्षों तक धर्मांतरण के खिलाफ संघर्ष किया और जनजातीय पहचान को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

केंद्र सरकार की उपलब्धियाँ गिनाईं

उन्होंने केंद्र की उपलब्धियाँ गिनाते हुए कहा कि बीजेपी सरकार ने झारखंड राज्य का गठन, जनजातीय मंत्रालय की स्थापना, ‘जनजातीय गौरव दिवस’ की शुरुआत, ‘प्रधानमंत्री जन मन योजना’, ‘वन अधिकार अधिनियम’ को मजबूत करना और ‘जनजातीय विशेष सहायता कार्यक्रम’ के माध्यम से स्वास्थ्य, पोषण और आवास जैसे क्षेत्रों में बड़ा काम किया है।

प्रेस वार्ता में रहे ये प्रमुख नेता उपस्थित

बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुंवर गागराई, पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश पुरी, जिला परिषद सदस्य राजश्री बांद्रा, जिला मीडिया प्रभारी जितेंद्र नाथ ओझा समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बीजेपी का स्पष्ट संदेश

प्रेस वार्ता के अंत में बीजेपी नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि पार्टी प्राकृतिक पूजक जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक अस्मिता और सतत विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सरना धर्म कोड जैसे संवेदनशील मुद्दों पर गहराई से विमर्श होना चाहिए, न कि जनभावनाओं का राजनीतिक दोहन।

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