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बिहार गति समीक्षा: सीएम सम्राट चौधरी ने अफसरों से कहा- बहाने नहीं, समय पर पूरा करें काम

पटना में ‘बिहार गति’ की समीक्षा बैठक में सीएम सम्राट चौधरी ने 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं, सड़क, सिंचाई और स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

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Patna: बिहार में चल रही बड़ी विकास परियोजनाओं की प्रगति तेज करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को ‘बिहार गति’ के तहत चिन्हित योजनाओं की समीक्षा की। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। जहां भी कोई बाधा हो, उसे तत्काल दूर कर तय समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ काम पूरा किया जाए।

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बैठक में 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं और केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। जल संसाधन, पथ निर्माण और स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख योजनाओं पर अलग-अलग चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ने विकास की दिशा में अच्छी गति हासिल की है और इसे लगातार बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।

सिंचाई परियोजनाओं को जल्द पूरा करने का निर्देश

जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कोसी-मेची इंटर स्टेट लिंक परियोजना पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि मानसून समाप्त होते ही निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि किसी तरह की देरी न हो।

उन्होंने नॉर्थ कोयल जलाशय परियोजना को भी जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे सिंचाई का दायरा बढ़ेगा और बड़ी संख्या में किसानों को लाभ मिलेगा। मांडा वीयर परियोजना की भी समीक्षा करते हुए उन्होंने नियमित निगरानी और समयबद्ध कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

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सड़क परियोजनाओं की लगातार होगी मॉनिटरिंग

पथ निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान वाराणसी-रांची-कोलकाता छह लेन कॉरिडोर, आमस-दरभंगा फोर लेन परियोजना और कन्हौली-शेरपुर (एनएच-131जी) छह लेन परियोजना की प्रगति का आकलन किया गया।

मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण, वन विभाग की स्वीकृति और अन्य प्रशासनिक बाधाओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, आवागमन सुगम बनेगा तथा व्यापार, उद्योग और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।

टीबी मुक्त बिहार अभियान पर विशेष जोर

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग और जांच कर संभावित मरीजों की समय पर पहचान करने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने जिन क्षेत्रों में टीबी के मामले अधिक हैं, वहां विशेष अभियान चलाने, सभी टीबी केंद्रों को सक्रिय रखने और बंद पड़े केंद्रों को दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही 2 जुलाई से 14 अगस्त तक चल रहे विशेष टीबी मुक्त बिहार अभियान को जनभागीदारी के साथ सफल बनाने पर बल दिया।

सीएसआर से ₹2,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से ₹2,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य दिया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, खेल, महिला सशक्तिकरण और अन्य जनकल्याणकारी क्षेत्रों में सीएसआर फंड के अधिकतम उपयोग के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

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बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जयकुमार सिंह, खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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