Patna: आम जनता की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी निवारण के लिए बिहार सरकार द्वारा आयोजित ‘सहयोग शिविर’ जमीनी स्तर पर प्रभावी साबित हो रहे हैं। पटना के वार्ड संख्या-31 में आयोजित विशेष सहयोग शिविर में पहुंचे स्थानीय नागरिकों की नगर निगम टैक्स, जमीन विवाद और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया और जरूरी मार्गदर्शन दिया गया।
नगर निगम टैक्स और आवासीय भूमि के उपयोग पर मिला समाधान

शिविर में पहुंचे नवरत्नपुर निवासी साधु शरण ने बताया कि उन्होंने अपने आवासीय परिसर में दुकान के लिए जगह बनाई थी, जिस पर नगर निगम द्वारा कमर्शियल टैक्स का नोटिस भेजा गया था। शिविर में मौजूद अधिकारियों ने समस्या की समीक्षा की और स्पष्ट किया कि आवासीय भूमि को व्यावसायिक उपयोग में बदलने के लिए विभाग की ओर से जरूरी प्रशासनिक सहयोग और उचित प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच और परामर्श की सुविधा
सहयोग शिविरों में नागरिकों के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। शिविर में मौजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम द्वारा लोगों को नि:शुल्क स्वास्थ्य परामर्श दिया गया। चिकित्सकों ने बताया कि शिविर में आने वाले सभी लोगों के लिए ब्लड प्रेशर (BP), शुगर और अन्य सामान्य जांचें पूरी तरह मुफ्त की जा रही हैं, साथ ही जरूरतमंदों के लिए आवश्यक दवाओं का प्रबंध भी किया गया है।
जमीन म्यूटेशन और रजिस्ट्री से जुड़ी जानकारियों का निपटारा

भूतनाथ रोड निवासी राजन प्रसाद मंडल के अनुसार, कामकाजी लोगों के लिए यह व्यवस्था बेहद सुविधाजनक है। शिविर में आवासीय और व्यावसायिक भूमि के म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), रजिस्ट्रेशन और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी कानूनी व तकनीकी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिली है।
कब और कैसे आयोजित होते हैं सहयोग शिविर?
नागरिकों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 19 मई 2026 को सारण जिले के सोनपुर प्रखंड स्थित डुमरी बुजुर्ग गांव से सहयोग शिविर की शुरुआत की थी। तय व्यवस्था के अनुसार:

प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायतों में यह शिविर लगाए जाते हैं।
प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को राज्यस्तरीय सहयोग शिविर का आयोजन होता है, जिसमें मुख्यमंत्री स्वयं लोगों की शिकायतें और समस्याएं सुनते हैं।




