पटना: बिहार में गैर-संचारी रोगों (NCD) की समय पर पहचान और इलाज के लिए चलाए जा रहे स्वास्थ्य स्क्रीनिंग अभियान में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। 2 से 17 सितंबर 2026 के बीच राज्य में 85,20,044 लोगों की NCD स्क्रीनिंग की गई।
स्वास्थ्य विभाग 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की नियमित जांच पर जोर दे रहा है। स्क्रीनिंग के जरिए बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी जोखिम का शुरुआती स्तर पर पता लगाया जा रहा है। जांच में किसी तरह की समस्या मिलने पर लोगों को जरूरी सलाह, इलाज और आगे की चिकित्सा सुविधा से जोड़ा जा रहा है।
इन जिलों का प्रदर्शन बेहतर
2 से 17 सितंबर के आंकड़ों के अनुसार NCD स्क्रीनिंग में मधुबनी, बांका, कटिहार, सुपौल और जहानाबाद ने बेहतर प्रदर्शन किया है। इन जिलों में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले बड़ी संख्या में लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई।
स्वास्थ्य मंत्री ने अभियान तेज करने के दिए निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने कहा कि जिन जिलों में स्क्रीनिंग की प्रगति कम है, वहां अभियान में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि लक्ष्य राज्य के हर घर तक पहुंचकर पात्र लोगों की स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करना है।
उन्होंने अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति स्क्रीनिंग से वंचित न रहे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बीमारी की समय पर पहचान होने से मरीज को जल्द इलाज मिल सकता है और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को शुरुआती स्तर पर नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
30 नवंबर तक चलेगा विशेष अभियान
बिहार में 2 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक ‘जांच एवं उपचार–चिकित्सा आपके द्वार’ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की घर-घर जाकर और आयुष्मान आरोग्य मंदिर समेत सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जांच की जा रही है।
अभियान में मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, सामान्य कैंसर, हृदय रोग, सांस और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों के साथ फैटी लिवर जैसे गैर-संचारी रोगों की जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जांच के दौरान बीमारी या स्वास्थ्य जोखिम सामने आने पर संबंधित व्यक्ति को डॉक्टर की सलाह, उपचार और जरूरत के अनुसार उच्च स्वास्थ्य संस्थान से जोड़ा जा रहा है।
30 साल से अधिक उम्र के लोगों से जांच कराने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने 30 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों से नियमित स्वास्थ्य जांच और NCD स्क्रीनिंग कराने की अपील की है। विभाग का कहना है कि समय पर जांच और इलाज से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव में मदद मिल सकती है।




