Patna: बिहार राज्य की सांस्कृतिक पहचान को अपनी लेखनी से नई दिशा देने वाले वरिष्ठ कवि एवं प्रख्यात गीतकार सत्यनारायण जी का शुक्रवार देर रात निधन हो गया। उनके देहावसान पर ग्रामीण विकास विभाग तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री सह जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मंत्री ने कहा कि राज्य के सुप्रसिद्ध बिहार गीत ‘मेरे भारत के कंठहार, तुझको शत-शत वंदन बिहार’ के रचयिता कवि सत्यनारायण जी का जाना बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पूरे साहित्य जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
मंत्री श्रवण कुमार ने अपने शोक संदेश में कहा कि कवि सत्यनारायण ने अपनी रचनाओं के जरिए बिहार की माटी, गौरवशाली इतिहास, परंपरा और जनभावनाओं को बहुत ही सजीव शब्दों में पिरोने का काम किया। उनके द्वारा रचित बिहार गीत आज भी राज्य की अस्मिता और पहचान का एक जीवंत प्रतीक बना हुआ है। इसे प्रदेश के तमाम सरकारी आयोजनों से लेकर विद्यालयों की प्रार्थना सभाओं तक में पूरी श्रद्धा के साथ गाया जाता है। उन्होंने कहा कि कवि सत्यनारायण की कालजयी कृतियां आने वाली नई पीढ़ियों को भी निरंतर प्रेरित करती रहेंगी।
उन्होंने आगे कहा कि हिंदी साहित्य और समाज के प्रति सत्यनारायण जी के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। उनकी कविताओं ने जनचेतना के प्रसार में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई। वे समकालीन हिंदी साहित्य के एक मजबूत स्तंभ थे, जिनकी लेखनी ने भाषा को समृद्ध करने के साथ-साथ बिहार की सांस्कृतिक चेतना को भी गहराई प्रदान की। कवि के निधन की सूचना मिलते ही प्रदेश के साहित्यिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है। मंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और शोकाकुल परिजनों को इस कठिन घड़ी में संबल प्राप्त हो।





