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पहले चरण की वोटिंग खत्म; तेजस्वी, सम्राट, मैथिली, खेसारी की सीटों पर कैसा रहा वोट प्रतिशत?

Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में गुरुवार को राज्य के 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान हुआ। शाम 5 बजे तक औसतन 60.13 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कुछ सीटों पर सुरक्षा कारणों से मतदान शाम 5

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Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में गुरुवार को राज्य के 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान हुआ। शाम 5 बजे तक औसतन 60.13 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कुछ सीटों पर सुरक्षा कारणों से मतदान शाम 5 बजे ही खत्म कर दिया गया, जबकि अधिकांश सीटों पर 6 बजे तक वोटिंग जारी रही।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, इस चरण में समस्तीपुर (66.65%) और बेगूसराय (67.32%) जिलों में सबसे अधिक मतदान हुआ। वहीं शेखपुरा (52.36%) जिले में मतदाता घरों से कम निकले।

मीनापुर विधानसभा सीट ने पूरे बिहार में सबसे ज्यादा वोटिंग का रिकॉर्ड बनाया, यहां 73.29 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
इसके विपरीत पटना की कुम्हरार सीट पर केवल 39.52 प्रतिशत वोटिंग हुई, जो सबसे कम रही।

दिग्गजों की सीटों पर भी दिलचस्प रहा मतदान का प्रतिशत

बड़े नेताओं की विधानसभा सीटों पर भी इस बार जनता ने जमकर वोट डाले। राघोपुर, जहां से तेजस्वी यादव मैदान में हैं, वहां 64.01 प्रतिशत वोटिंग हुई। तेज प्रताप यादव की सीट महुआ में 54.88%, जबकि अनंत सिंह के क्षेत्र मोकामा में 60.16% मतदान दर्ज हुआ।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सीट तारापुर में 58.33% और डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की सीट लखीसराय में 60.51% वोट पड़े। लोकप्रिय गायिका मैथिली ठाकुर, जो अलीनगर से प्रत्याशी हैं, के क्षेत्र में 58.05% वोटिंग हुई। छपरा से चुनाव लड़ रहे अभिनेता खेसारी लाल यादव की सीट पर 56.32% वोट पड़े।

अन्य प्रमुख सीटों में सरायरंजन (70.19%), भोरे (61.05%), लालगंज (60.17%), सीवान (57.38%) और रघुनाथपुर (51.18%) शामिल हैं। लालगंज से मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला, सीवान से मंगल पांडे, और रघुनाथपुर से शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब मैदान में हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पहले चरण का मतदान रुझान स्पष्ट संकेत देता है कि गांवों में मतदान का उत्साह शहरों से कहीं अधिक रहा। बिहार के ग्रामीण इलाकों में सुबह से लंबी कतारें देखी गईं, जबकि शहरी क्षेत्रों में वोटिंग धीरे-धीरे बढ़ी।

अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यह भारी वोटिंग किसके पक्ष में जाती है — तेजस्वी की लहर, एनडीए का प्रभाव या नए चेहरों का आकर्षण। पहले चरण की सफलता ने बाकी दो चरणों के लिए भी राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।

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