फॉण्ट कनवर्टर NEW

Advertisement
Advertisement

बिहार कैबिनेट की बड़ी बैठक: 49 प्रस्तावों पर मुहर, सात जिलों में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज

Patna News: बिहार में विधानसभा चुनावी माहौल के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 49 अहम एजेंडों पर मुहर लगी। इन फैसलों का सीधा असर राज्य के लाखों छात्रों, युवाओं, कर्मचारियों और आम जनता पर पड़ेगा। शिक्षा,

अपनी भाषा में पढ़ें

Advertisement

Patna News: बिहार में विधानसभा चुनावी माहौल के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 49 अहम एजेंडों पर मुहर लगी। इन फैसलों का सीधा असर राज्य के लाखों छात्रों, युवाओं, कर्मचारियों और आम जनता पर पड़ेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में लिए गए इन फैसलों को सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है।

सात जिलों को मिला मेडिकल कॉलेज का तोहफा

बैठक में सबसे बड़ा फैसला स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ा रहा। बिहार कैबिनेट ने किशनगंज, कटिहार, रोहतास, शिवहर, लखीसराय, अरवल और शेखपुरा जिलों में नए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खोलने की मंजूरी दी। माना जा रहा है कि इससे न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को पढ़ाई और रोजगार का बेहतर अवसर मिलेगा।

छात्रों और युवाओं के लिए बड़ी राहत

कैबिनेट ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप कर रहे छात्रों की छात्रवृत्ति बढ़ा दी है। अब सरकारी मेडिकल, डेंटल, आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथी पढ़ रहे छात्रों की छात्रवृत्ति 20 हजार से बढ़ाकर 27 हजार रुपये कर दी गई है। वहीं फिजियोथैरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी के छात्रों की छात्रवृत्ति 15 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रति माह कर दी गई है।

इसके अलावा पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति योजना के लिए 241 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। यह राशि गरीब और पिछड़े वर्ग के हजारों बच्चों को शिक्षा की राह में सहारा देगी।

कर्मचारियों और गृह रक्षकों का बढ़ा मानदेय

पंचायती तकनीकी लेखपाल और आईटी सहायकों का मानदेय बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। वहीं बिहार गृहरक्षा वाहिनी के गृह रक्षकों का कर्तव्य भत्ता 774 रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 1121 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। यह राशि अब पुलिस विभाग में कार्यरत जवानों के न्यूनतम दैनिक वेतन के अनुरूप होगी।

ग्रामीण आवास सहायक और प्रखंड स्तर के अन्य पदों के मानदेय में भी 10 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। इससे हजारों अनुबंधकर्मी सीधे लाभान्वित होंगे।

हजारों पदों पर बहाली और पदोन्नति का रास्ता साफ

बैठक में शिक्षा और तकनीकी संस्थानों के लिए भी कई अहम फैसले हुए। राज्य के 40 आवासीय विद्यालयों में नए शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक 1800 पदों के सृजन की मंजूरी दी गई है।

राजकीय पॉलिटेक्निक और महिला पॉलिटेक्निक संस्थानों में 177 नए पदों पर बहाली होगी। इसके अलावा 38 अभियंत्रण महाविद्यालयों में 237 पद सृजित किए गए हैं। इनमें 23 प्राध्यापक, 64 सह प्राध्यापक और 150 सहायक प्राध्यापक शामिल होंगे।

राजस्व कर्मचारियों के पद को भी अब जिला स्तरीय से बढ़ाकर राज्य स्तरीय कर दिया गया है। इससे उनका स्थानांतरण किसी भी जिले में संभव होगा। उनकी योग्यता इंटर से बढ़ाकर स्नातक कर दी गई है और उम्र सीमा भी 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष कर दी गई है। अमीन संवर्ग के कर्मचारियों को अब ग्रेड वन और प्रधान अमीन के पद पर पदोन्नति का लाभ मिलेगा।

बुनियादी ढांचे में बड़े फैसले

पटना प्रमंडलीय मुख्यालय में खेल और संरचना निर्माण के लिए डुमरी में 100 एकड़ भूमि अधिग्रहण पर 574 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई।

वहीं, पटना में गंगा नदी किनारे बनने वाले जेपी गंगा पथ परियोजना के लिए 4129 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इस फैसले को राजधानी के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है।

सुरक्षा और प्रशासनिक फैसले

आतंकवाद निरोधक दस्ता में कार्यरत पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को मूल वेतन का 30 प्रतिशत जोखिम भत्ता (अधिकतम 25 हजार रुपये) देने की स्वीकृति भी मिली।

इसके अलावा बिहार अभियोजन सेवा संवर्ग में 760 पदों के सृजन की मंजूरी दी गई है। मद्य निषेध और स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के गठन के लिए भी 88 पद सृजित किए गए हैं।

संस्कृति और न्यायपालिका से जुड़े प्रस्ताव

कला एवं संस्कृति विभाग में 25 नए पदों का सृजन किया गया। वहीं अनुसूचित जाति और जनजाति कल्याण विभाग के तहत आवासीय विद्यालयों के लिए 1800 पदों की मंजूरी दी गई है।

पटना उच्च न्यायालय में सभी रिपोर्टेबल निर्णयों का हिंदी में अनुवाद करने के लिए 14 नए पदों पर भी स्वीकृति दी गई है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram