Bettiah: बिहार के बेतिया में शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। हादसा उस वक्त हुआ जब एनएच-727 किनारे आयोजित एक छठियार समारोह में तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर भीड़ में जा घुसी। हादसे में दो लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि तीन लोगों की जान अस्पताल में इलाज के दौरान गई। घायल पांच लोगों का अस्पताल में इलाज जारी है, वहीं कुछ को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
एनएच-727 पर रात 11 बजे हुआ भीषण हादसा
यह दुर्घटना रात करीब 11 बजे एनएच-727 पर बसवरिया पराउटोला स्थित बनकटवा मध्य विद्यालय के सामने घटी। जानकारी के अनुसार, लौरिया के बसवरिया निवासी शत्रुघ्न दुबे के घर नवजात के छठियार समारोह का आयोजन चल रहा था।
घर सड़क किनारे स्थित होने के कारण बड़ी संख्या में रिश्तेदार और स्थानीय ग्रामीण भोज-भात और ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान बेतिया की ओर से गैस सिलेंडर से लदा ट्रक और लौरिया की तरफ से एक यात्री बस आमने-सामने आ गए।
आमने-सामने की टक्कर बचाने में अनियंत्रित हुई बस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों वाहनों के बीच सीधी भिड़ंत की स्थिति बन गई थी। ट्रक से टक्कर बचाने के प्रयास में बस चालक ने अचानक वाहन की दिशा मोड़ दी।
दिशा बदलते ही तेज रफ्तार बस बेकाबू होकर सीधे समारोह में मौजूद लोगों की भीड़ में जा घुसी। इस अप्रत्याशित टक्कर से मौके पर चीख-पुकार और भगदड़ मच गई।
हादसे में जान गंवाने वाले और घायल
हादसे में जान गंवाने वाले सभी 5 मृतक बनकटवा के वार्ड संख्या 10 के निवासी थे। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
देवेन्द्र दुबे (35 वर्ष)
बहादुर महतो (45 वर्ष)
संजय महतो (28 वर्ष)
छांगुर राम (65 वर्ष)
भोला दुबे (35 वर्ष)
हादसे में श्यामबाबू कुमार (20 वर्ष), नरेश राम (40 वर्ष), अजीत कुमार (20 वर्ष), मोतीचंद महतो (60 वर्ष) और फखरुद्दीन मियां (17 वर्ष) समेत कई लोग घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है।
आक्रोशित ग्रामीणों का हंगामा, पुलिस ने वाहनों को जब्त किया
हादसे के तुरंत बाद दोनों वाहनों के चालक मौके से फरार हो गए। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर जमकर हंगामा किया तथा बस और ट्रक में तोड़फोड़ की। सूचना पर पहुंची पुलिस को भी स्थानीय लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई और जांच शुरू कर दी है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग की है। घटना के बाद से पूरे गांव में मातम का माहौल है।




